31.1 C
Delhi
Homeओडिशाओड़िशा 2033 तक भारतीय हॉकी का प्रायोजक बना रहेगा

ओड़िशा 2033 तक भारतीय हॉकी का प्रायोजक बना रहेगा

- Advertisement -spot_img

सतीश शर्मा

भुवनेश्वर/ सतीश शर्मा: टोक्यो ओलिम्पिक खेलों में भारतीय हॉकी दल के शानदार प्रदर्शन के बाद इसके प्रायोजक ओड़िशा सरकार ने और दस वर्ष के लिये हॉकी का प्रायोजक बने रहने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि ओड़िशा सरकार ने 15 फरवरी, 2018 को हॉकी इंडिया के साथ किये एक अनुबंध अनुसार पांच वर्षों (2023 तक) भारतीय हॉकी का प्रायोजक बनने निर्णय किया था। पर अब नवीन पटनायक सरकार ने इस अनुबंध को अगले दस साल तक बढ़ाने की घोषणा की है।

आज भुबनेश्वर में भारतीय पुरूष और महिला हॉकी दल के स्वागत में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस आशय की घोषणा की। इस घोषणा अनुसार ओड़िशा 2033 तक भारतीय हॉकी का प्रायोजक बना रहेगा।

आज भुबनेश्वर में लोकसेवा भवन सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में हॉकी में कांस्य पदक विजेता पुरूष दल और चौथा स्थान हासिल करने वाली महिला हॉकी दल के स्वागत के लिये समारोह आयोजन किया गया था। इस समारोह में प्रायोजन को विस्तार देने के साथ दोनों दलों के सभी खिलाड़ियों को दस दस लाख रुपये भी प्रदान किया। हॉकी प्रशिक्षण से जुड़े सभी सहायक स्टाफ को पांच लाख रुपये दिये। इसके अलावा श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया।

दोनों गोलकीपर श्रीजेश और सविता पूनिया, महिला रक्षक खिलाड़ी दीपग्रेस एक्का और गुरजीत कौर, पुरूष रक्षक खिलाड़ी अमित रोहिदास, हरमनप्रीत सिंह, रूपिंदर पाल सिंह, नीलकांत शर्मा, महिला दल की कप्तान रानी रामपाल और नवनीत कौर, वंदना कटारिया सुशीला चानू को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिये पांच लाख रुपये दिये। इसके साथ हॉकी इंडिया को भी पचास लाख रूपये प्रदान किया।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस अवसर पर भारतीय दल के सभी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भूरी भूरी प्रशंसा करते हुए भारतीय हॉकी के सुनहरे दिन लौटने का विश्वास व्यक्त किया।

इस समारोह में मुख्यमंत्री के अलावा क्रीड़ा मंत्री तुषारकांति बेहेरा, भारतीय ओलिम्पिक संघ के अध्यक्ष नरेंद्रध्रूव बत्रा, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेन्द्रो निंगोम्बम, राज्य हॉकी विकास परिषद के अध्यक्ष व पूर्व कप्तान दिलीप तिर्की भी उपस्थित थे।

अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने हॉकी में ओड़िशा के योगदान की प्रशंसा करने के साथ मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा हॉकी की जिम्मेदारी लेकर उसे बुलंदी तक पंहुचाने के लिये मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। भुवनेश्वर को देश की क्रीड़ा राजधानी की संज्ञा देते हुए बत्रा ने कहा कि जब अन्य सभी लोग क्रिकेट के पीछे दीवाने हो रहे थे। ऐसे समय नवीन बाबू ने हॉकी का हाथ थामा यह प्रशंसनीय है। ओड़िशा के योगदान की वजह से हॉकीआगे बढ़ा है और यह और यह आगे ही बढ़ेगा।

राज्य ने 2018 में विश्व कप समेत कई बड़े हॉकी आयोजन किये हैं। 2023 में ओड़िशा दुबारा विश्व कप के आयोजन करने की तैयारी कर रहा है। राउरकेला में देश का सबसे बड़ा हॉकी स्टेडियम बनाया जा रहा है। अब राज्य में केवल हॉकी ही नही बल्कि अन्य खेलों के प्रशिक्षण के लिए भी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही है। इनसे भारतीय क्रीड़ा को बहुत लाभ होगा।

महिला दल की कप्तान रानी रामपाल ने ओड़िशा सरकार के साथ राज्य की हाकी प्रेमी जनता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यंहा हाकी खेलने में बहुत मजा आता है।

पुरूष दल के कप्तान मनप्रीत सिंह ने समान भावनाएं व्यक्त करते हुए कि देश में हाकी का भविष्य उज्जवल है।
इससे पहले 10 अगस्त को भी ओड़िशा सरकार ने अपने राज्य के चार खिलाड़ियों के लिए विशेष समारोह का आयोजन कर उन्हें सम्मानित औऱ पुरुस्कृत किया था। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी व उपकप्तान बीरेंद्र लकड़ा तथा अमित रोहिदास को अढ़ाई अढ़ाई करोड़ रुपये के साथ दोनों खिलाड़ियों को राज्य पुलिस में डीएसपी पद की नियुक्ति पत्र दिया था। मुख्यमंत्री ने महिला दल में राज्य की दो खिलाड़ियों उपकप्तान दीपग्रेस एक्का और नमिता टोपो को पचास पचास लाख रूपये प्रदान किया था।

- Advertisement -
- Advertisement -
- Advertisement -
Related News
- Advertisement -