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अनूठी पहलः नम्रता के ‘माध्यम’ से निकली आशा की ‘किरन’ खुशहाल कर देगी महिला कैदियों को

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नम्रता चड्ढा

सेंट्रल डेस्क/ 23 अगस्त 2021: विचाराधीन और सजायाफ्ता महिला कैदियों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भरता, तीजत्योहार, मौके-बेमौके मिलना जुलना, उनके बच्चों की शिक्षा आदि को लेकर महिला आयोग की पूर्व सदस्य एवं सामाजिक संस्था माध्यम की चेयरपर्सन नम्रता चड्ढा व उनकी टीम ने ओडिशा में अनूठी पहल की है। उनके प्रयास के माध्यम से इन कैदियों में आशा की किरन जगी है जिसने उनके भीतर मान-सम्मान का जज्बा भर दिया। इसकी शुरुआत ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर की झारपाडा जेल से हुई है।

ओडिशा में फिलहाल करीब 900 से ज्यादा महिला कैदी हैं जिनमें से अधिकतर को उनके परिवार ने ही उपेक्षित कर रखा है। माध्यम के प्रयास को राज्य सरकार के जेल प्रशासन की पूरी मदद मिल रही है। इस साझे प्रयास को किरन नाम दिया गया है। इसका कार्य महिला कैदियों के उत्थान का है।

अब कैदियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के जरिये न केवल उन्हें अर्थोपार्जन का अवसर मिलेगा बल्कि उनके बच्चों को शिक्षा के लिए अच्छे स्कूलों में दाखिला का भी इंतजाम किया गया है। नम्रता कहती हैं कि माध्यम महिला अधिकारियों व बाल विकास की संस्था है जो वर्ष 2000 से चल रही है। किरन के जरिये माध्यम महिला कैदियों को मुख्यधारा में लाने का काम कर रही है। नियमित काउंसिलिंग इसका प्रमुख हिस्सा है। अधिकतर महिला कैदियों को उनके घर वाले स्वीकार नहीं करते हैं जिससे उनके सामने आजीविका का भी खतरा उत्पन्न हो जाता है। उन्हें विधिक सहायता भी दी जाती है।

इस संगठन की महिलाओं ने कल जेल अधिकारियों के साथ झारपाड़ा जेल विजिट की और महिला कैदियों से विस्तार से बातचीत की। माध्यम संस्था के प्रयास से निकली आशा की किरन इन महिला कैदियों के जीवन में कोई आश्चर्यजनक परिवर्तन ला दे तो चौंकाने वाली न होगी।

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