चित्रकूट की तपोभूमि में कोरोना का कहर,धार्मिक आयोजनों पर रोक

चित्रकूट/राजू शर्मा : होली पर्व के बाद कोरोना महामारी ने तेजगति से कहर बरपाना चालू कर दिया है। बडी संख्या में लोगों के अंदर संक्रमण की जानकारी हो रही है। मध्यप्रदेश के सतना में बडी संख्या में लोगों के संक्रमित होने से जिला प्रशासन ने रात को आने-जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। चूकिं धार्मिकस्थल चित्रकूट भी यूपी-एमपी के बार्डर पर स्थिति है। इसलिए यहां पर रोक लगा दी गयी है। प्रशासन ने अमावस्या के मेले को भी प्रतिबंधित कर दिया है।

मेले के कारण एमपी और यूपी के हजारों लोंग एकत्र होते थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वस्तुस्थित को देखते हुए आपलोग मेले में भाग न लेे। धार्मिकस्थल चित्रकूट में बने कामतानाथ मंदिर प्रांगण में महामारी से बचाव के मास्क वितरण का कार्य तेजी से हो रहा है। जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए बिना मास्क के घूमने वाले लोगोें पर 100 रूपये का जुर्माना भी रखा है।

भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट का आधा हिस्सा मध्यप्रदेश और पार्ट यूपी में आता है। इसलिए दोनों प्रदेशो की सीमाओं पर भी पहरा लगा दिया है। सभी से कहा गया है कि मंदिर की परिक्रमा में भी भाग न ले क्योंकि बडी संख्या में लोग भगवान कमतानाथ के दर्शन से पूर्व पांच किलोमीटर की परिक्रमा करते है। वर्तमान हालात पर चर्चा करने के लिए मध्यप्रदेश के वरीय अधिकारी संत समाज के साथ बैठ करेंगे।

बैठके के उपरांत कुछ आवष्यक विचार-विमर्ष के बाद आगे की रणनीति तय होगी। कामतानाथ मंदिर के पुजारी भरतशरण दास ने बताया कि मंदिर आने वाले सभी भक्तों को मास्क लगाकर आने की अपील लगातार की जा रही है। जिन भक्तों के पास मास्क नहीं है उन्हें मंदिर की तरफ से मास्क दिया जा रहा है। पुजारी ने कहा कि वर्तमान हालातों को देखते हुए जागरूकता बहुत ही आवश्यक है।