गन्ना किसानों को नहीं मिला, आपूर्ति किए गन्ना मूल्य का भुगतान

बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा।: अखिल भारतीय किसान महासभा ने मझौलिया चीनी मिल के गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य के बकाया को लेकर राज्य के केन कमिश्नर को चिट्ठी लिख गन्ना मूल्य अविलंब भुगतान करने की मांग किया है। उपर्युक्त आशय का एक पत्र किसान महासभा के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार राव ने लिखा है।


उन्होंने लिखा है कि केन एक्ट के मुताबिक गन्ना गिराने के चौदह दिनों के अंदर गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान कर देना है। किंतु मझौलिया चीनी मिल ने गन्ना किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान अबतक नहीं किया है।जिसको लेकर किसानों में काफी आक्रोश है। किसान महासभा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर किसान महासभा के नेतृत्व में कई बार धरना प्रदर्शन किया गया, लेकिन चीनी मिल विभिन्न तरह का बहाना बना गन्ना मूल्य भुगतान अब तक नहीं किया। किसान महासभा के जिलाध्यक्ष ने कहा कि चंपारण में नील की खेती करने वाले अंग्रेज हुक्मरानों ने यहां किसानों को काफी परेशान किया।

इन दिनों उन्हीं निलहों की जगह (मझौलिया चीनी मिल मालिकों) मीलहों ने लिया है। नीतीश कुमार की सरकार भी किसानों की इस परेशानी से बच रही है। सरकार कारपोरेट कंपनियों के पक्ष में खड़ी है। कोरोना काल में जब किसान दवाई, विवाह, बच्चों की पढ़ाई, के लिए परेशान हैं, तो उनकी फसल मूल्य का भुगतान यहां के मीलहे करने को तैयार नहीं है।जिला अध्यक्ष ने कहा किसानों के गन्ना मूल्य का बकाया अविलंब भुगतान करायें। किसानों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा होते जा रही है। उल्लेखनीय है कि पश्चिम चंपारण के जिला पदाधिकारी के नीलाम पत्र वाद की कार्रवाई की घोषणा भी ढाक के तीन पात साबित हुई है। किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान कराने में जिला के सफलतम डीएम, असफल साबित हो रहे हैं।