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न्यायालय की टिप्पणी के बाद भी नहीं सुधर रहे जनप्रतिनिधि, भाजपा विधायकों ने चलाई समानांतर विधानसभा

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सेंट्रल डेस्क / अनू अस्थाना:  जहां सोमवार को एक ओर सुप्रीम कोर्ट ने केरल में 2015 में संसद और विधानसभाओं में जन प्रतिनिधियों के उद्दंड व्यवहार पर संज्ञान लेते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं और इस तरह के आचरण को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं दूसरी ओर से महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार को विधायको ने जमकर हंगामा किया। जिसके बाद स्पीकर ने भाजपा के 12 विधायकों को गाली-गलौच और बदसलूकी करने पर एक साल के लिए निलंबित कर दिया था। इसके विरोध में मंगलवार को भाजपा के विधायकों ने सदन के बाहर अपना समानांतर विधानसभा सत्र शुरू किया है। भाजपा विधायक हाथ में पोस्टर लिए सदन के बाहर बैठे नजर आए। वरिष्ठता के आधार पर एलओपी प्रवीण दरेकर ने विधायक कालिदास कोलम्बकर को स्पीकर चुना गया और सरकार के निषेध का प्रस्ताव लाया गया।

महाराष्ट्र विधानसभा के बाहर भाजपा विधायकों ने मंगलवार को अपने 12 विधायकों के निलंबन और ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा के बाहर भाजपा विधायकों के विरोध प्रदर्शन में पूर्व सीएम और भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस भी नजर आए।

इन विधायकों को किया निलंबित
महाराष्ट्र विधानसभा में सोमवार को स्पीकर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 12 विधायकों को एक साल के लिए निलंबित कर दिया। सभी विधायकों पर सदन में हंगामा करने का आरोप लगाया गया है। भाजपा के जिन 12 विधायकों को सदन से निलंबित किया गया है, उनमें संजय कुटे, आशीष शेलार, अतुल भातखलकर, पराग अलवानी, विजय कुमार रावल, अभिमन्यु पवार, गिरीश महाजन, हरीश पिंपले, राम सातपुते, योगेश सागर, नारायण कुचे, कीर्ति कुमार बंगड़िया का नाम शामिल है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने जोर देकर कहा कि ये झूठे आरोप हैं।

प्रतिविधानसभा पर की गई कार्रवाई, आक्रामक हुए फडणवीस
विपक्ष की प्रतिविधानसभा पर की गई कार्रवाई पर देवेंद्र फडणवीस आक्रामक हो गए। उन्होंने कहा कि इस तरह से हमारी आवाज दबाई नहीं जा सकती है। महाराष्ट्र में ऐसी सरकार सत्ता में है जिसने अघोषित रूप से इमर्जेंसी लगाई हुई है। राज्य सरकार की ओर से लोकतंत्र का गला घोंटा गया है। कल झूठे आरोपों में 12 विधायकों को निलंबित किया गया। आज शांति से प्रतिविधानसभा शुरू थी तो पत्रकारों को जबर्दस्ती हटाया गया। मुगलों ने जो नहीं किया, वो ठाकरे सरकार ने कर दिखाया। देवेन्द्र फडणवीस ने इस मौके पर कहा कि ये सरकार पिछडो ओबीसी के खिलाफ है। आज हम जब प्रति विधानसभा चला रहे थे तब मीडिया के कैमरे को वहां से हटाया जा रहा था, इसलिए हम अब मीडिया के स्टेज के पास प्रति विधानसभा चला रहे हैं। यह महाविकास आघाडी सरकार नहीं वसूली सरकार है। किसानों को फसल बीमा के नाम पर ठगा गया है। किसानों को फसल बीमा का लाभ नहीं मिल सके, इसकी कोशिश की जा रही है। शर्तें बदल कर किसानों को लाभ से वंचित किया जा रहा है, सिर्फ 13 प्रतिशत किसानों को कर्ज मिल सका है।

राउत ने निलंबित के फैसले की हिमायत की
शिवसेना के सांसद संजय राउत ने विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करने को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा से एक वर्ष के लिए भाजपा के 12 विधायकों को निलंबित करने के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा कि अनुशासनहीनता बर्दाशत नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष का ‘माइक’ तोड़ना और पीठासीन अधिकारी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है।

महाराष्ट्र विधानसभा के मॉनसूत्र सत्र का आखिरी दिन भी हंगामेदार
इस तरह मॉनसून सत्र का दूसरा और आखिरी दिन भी हंगामेदार रहा। कल भाजपा के 12 विधायकों को टेबल प्रेसिडेंट भास्कर जाधव ने गाली गलौज और बदसलूकी के आरोप में 1 साल के निलंबित कर दिय था। संसदीय कामकाज मंत्री अनिल परब ने भाजपा विधायकों के निलंबन का प्रस्ताव लाया जिसे ध्वनि मत से मंजूर कर लिया गया। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया है कि सदन में भाजपा की शक्ति कम करने के लिए ऐसा किया गया है। चूंकि भाजपा ने यह उजागर किया ओबीसी आरक्षण देने को लेकर आघाडी सरकार की नीयत ठीक नहीं है और आघाडी सरकार की वजह से ही राज्य में ओबीसी आरक्षण चला गया, इसी का बदला लेने के लिए 12 विधायकों के निलंबन की कार्रवाई की गई है।

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