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नरोत्तम मिश्रा के बाद सुशील मोदी ने ममता बनर्जी पर साधा निशाना, फिर दीदी के सहारे राहुल गांधी को भी मारा ताना

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पटना डेस्क : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा राष्ट्रीय राजनीति के लिए यूपीए को छोड़कर विपक्ष के लिए नया मोर्चा बनाए जाने की चर्चा के बाद तेज़ी से प्रतिक्रियाएँ आने लगी हैं। पश्चिम बंगाल से देश की राजनीति में आने की बाट जोह रहीं ममता दीदी की इस घोषणा के बाद राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने उन पर निशाना साधा है। इतना ही नहीं, मोदी ने ममता के बयान के ज़रिये कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी ताना मारा है।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और मौजूदा राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने सोशल मीडिया पर इस संबंध में कई पोस्ट की हैं। मोदी ने अपनी पोस्ट में ममता बनर्जी के ज़रिये राहुल गांधी के लिए लिखा, “संसद सत्र के समय लंबी छुट्टी मनाने विदेश जाने वाले राहुल गाँधी की शौकिया सियासत के बारे में ममता बनर्जी का आकलन गलत नहीं है। जो व्यक्ति सदन में आँख मारने जैसी हरकत करता हो और राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय स्मार्ट फोन पर लगा हो, उससे उम्मीद बाँध कर केवल कांग्रेस खुद को अनिश्चित काल तक धोखे में रख सकती है, देश नहीं।”

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संसद सत्र के समय लंबी छुट्टी मनाने विदेश जाने वाले राहुल गाँधी की शौकिया सियासत के बारे में ममता बनर्जी का आकलन गलत नहीं है। जो व्यक्ति सदन में आँख मारने जैसी हरकत करता हो और राष्ट्रपति के अभिभाषण के समय स्मार्ट फोन पर लगा हो, उससे उम्मीद बाँध कर केवल कांग्रेस खुद को अनिश्चित काल तक धोखे में रख सकती है, देश नहीं।
Sushil Kumar Modi (@sushilmodi) 2 Dec 2021

राज्यसभा सांसद केवल यहीं नहीं रुके, उन्होंने दीदी पर टिप्पणी करते हुए एक और पोस्ट में लिखा, “ममता बनर्जी पहले से बने यूपीए को खारिज कर विपक्ष का नया मोर्चा बनाने में कितना सफल होंगी, यह तो समय बतायेगा, लेकिन इससे सबको साथ लेकर चलने वाली भाजपा की लोकप्रियता और चुनावी सफलता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने अघोषित तौर पर कांग्रेस और वामदलों के साथ मिल कर चुनाव लड़ा, तो भाजपा वहाँ मात्र तीन विधायकों से बढ़ कर 77 विधायकों की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई।”

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ममता बनर्जी पहले से बने यूपीए को खारिज कर विपक्ष का नया मोर्चा बनाने में कितना सफल होंगी, यह तो समय बतायेगा, लेकिन इससे सबको साथ लेकर चलने वाली भाजपा की लोकप्रियता और चुनावी सफलता पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने अघोषित तौर पर कांग्रेस और वामदलों के साथ मिल कर चुनाव लड़ा, तो भाजपा वहाँ मात्र तीन विधायकों से बढ़ कर 77 विधायकों की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई।
Sushil Kumar Modi (@sushilmodi) 2 Dec 2021

भाजपा के ख़िलाफ़ ममता बनर्जी की रणनीति को चुनौती देते हुए सुशील कुमार मोदी ने आगे लिखा, “लालू प्रसाद को ममता बनर्जी का समर्थन प्राप्त होने के बावजूद 2019 के संसदीय चुनाव में राजद जीरो पर आउट हुआ। खुद को महाबली मानने वाले राजद ने टीएमसी के गोड़ पर गिर कर पश्चिम बंगाल विधान सभा के चुनाव में उन्हें बिना शर्त समर्थन दिया , लेकिन वह भाजपा को वहां मुख्य विपक्षी दल बनने से नहीं रोक पाया। ममता बनर्जी क्षेत्रीय दलों का परिवारवादी कुनबा जोड़ कर भी भाजपा को चुनौती नहीं दे पाएँगी।”

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