मिथिला विकास बोर्ड की मांग को लेकर MSU हुआ आक्रमक, NH-57 को किया जाम

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मुजफ्फरपुर / अभिनव सिंह : मिथिला विकास बोर्ड गठित करने सहित अन्य मांगों को एमएसयू कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एनएच 57 को तारसराय मुड़िया के समीप करीब 10 बजे से जाम कर दिया। जाम से मुजफ्फरपुर-पूर्णिया राष्ट्रीय उच्च पथ पर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। जाम का नेतृत्व मिथिला स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष सागर नवदिया कर रहे हैं।

17 फ़रवरी को जयनगर से  राजनगर झंझारपुर मधुबनी मनिगाछी बेनीपुर हायाघाट समेत बहुत प्रखंडों में मिथिला विकास बोर्ड के पक्ष में समर्थन जुटाते हुए यात्रा आज NH57 जाम कर मिथिला के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे बिहार सरकार को जगाने हेतु MSU के कर्मठ सेनानी आज महाधरना NH पर करने का निर्णय लिया। पद यात्रा 200 किमी का था, जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग जुड़ते गए।

आपको बता दें कि MSU स्थापना दिन से ही मिथिला के अधौगिक -शैक्षणिक-सांस्कृतिक-आर्थिक-बौद्धिक-स्वास्थ्य जगत में विकास की मांग को अपने अनेकानेक माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार के समक्ष बुलन्द करती आ रही है। यह संगठन ने मिथिला इतिहास में प्रथम दफा मिथिला बन्द-दिल्ली लॉन्ग मार्च राज मैदान विशाल रैली के उपरांत आज महाजाम करने का दृढ़ संकल्प लिया।

इस संगठन ने मिथिला में व्याप्त बेरोजगारी  भुखमरी पलायन स्वास्थ्य की कुव्यवस्था शिक्षा के क्षेत्र में पलायन व आराजकता, बन्द पड़े उद्योग धंधे को पुन: चालू करवाने की मांग को मैथिल के सहयोग से सरकार के समक्ष रखी है।

बन्द को संबोधित करते हुए पदयात्रियों ने कहा कि आजादी के बाद मिथिला को सत्ताधीशों (केंद्र व् राज्य सरकार ) ने मात्र उपेक्षा किया है। इस मिथिला विरोधी सरकार को मिथिला सतत गौरवशाली बनाने का काम किया है लेकिन इन्होंने मिथिला के गौरव के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है। मिथिला में व्याप्त बेरोजगारी व पलायन का मुख्य कारण मिथिला क्षेत्र में बंद पड़े उद्योग धंधे है।

संचालित उद्योग-धंधे को सरकार ने बिचौलियों के हाथों बेचकर 100 गुणा मुनाफ़ा उन्हें देकर मिथिला के कामगार मजदूरों के पेट पर लात मारा एवं उन्हें पलायन करने पर मजबूर कर दिया। मिथिला के विकास विरोधी सरकार ने मिथिला के सांसद विधायक को पावर-सत्ता-पैसों का लालच देकर उन्हें अपने लिए जनता को ठगने वाला यंत्र व बिचौलिया बना लिया। सरकार की गुलामी कर मिथिला के जनप्रतिनिधि माँ मिथिला के अस्तित्व को खतरे में डाल मातृभूमि मिथिला से धोखा-छल कर रहे है । 

दिल्ली व पटना के सरकार की मंशा मिथिला के प्रति उदासीन व सौतेला है इस संदर्भ को धीरे-धीरे मिथिलावासी जान गए है । मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने नीति आयोग के समक्ष मिथिला के सर्वागीण विकास हेतु “मिथिला विकास बोर्ड” की मांग रख चुकी है।