बक्सरः दोबारा चुनाव लड़ने को है बेताब, पर अब तक आयोग को नहीं दिया है हिसाब-किताब

बक्सर/विक्रांत: एकतरफ पंचायत चुनाव में भाग लेने वाले लोगो को बेसब्री से चुनाव आयोग की अधिसूचना व शंखनाद का इंतजार है।चुनाव आयोग के द्वारा अधिसूचना की जानकारी पाने को लेकर चुनावी दंगल में उतरने वाले लोग नित्य अखबार का पन्ना पलटते रहतेे है। चुनावी तिथि की जानकारी के लिए पंचायती राज विभाग से लेकर निर्वाचन विभाग के बाबूओं से संर्पक बनाए हुए है।



दुसरी तरफ कार्यकाल समाप्त होनें के कगार पर पंहुचनेें के बाद भी जीते हुए व हारे हुए जिला पार्षद के अभ्यर्थियों को चुनावी हिसाब-किताब(व्यय विवरणी बही) जमा करनें की सुधि नहीं है।डुमरंाव अनुमंडल के विभिन्न सात प्रखण्डों को मिलाकर चुने गए 12 माननीय जिला पार्षद सदस्यांेे क आलावे चुनाव में भाग ले चुके अभ्यर्थियों से चुनावी हिसाब-किताब(व्यय विवरणी) पाने को लेकर निर्वाचन विभाग इंतजाररत है।पर माननीयों के बीच महज चुनाव लड़ने की बैचेनी दिखती है।


इसी क्रम में राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी निर्देश के आलोक में अनुमंडलाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी हरेन्द्र राम नें सभी जिला पार्षद के जीते व हारे हुए अभ्यर्थियों द्वारा व्यय विवरणी नहीं जमा करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द व्यय विवरणी जमा करने को लेकर निर्देश जारी किया है।
आगे अनुमंडलाधिकारी ने कहा है कि जिला पार्षद चुनाव में जीते एवं हारे सभी अभ्यर्थियों को हर हालत में व्यय विवरणी जमा करना लाजिमी है।व्यय विवरणी(हिसाब-किताब) नहीं जमा करने वाले के खिलाफ चुनाव आयोग को प्रतिवेदन भेजा जाएगा। जो चुनाव आयोग के कारवाई का भागी बन सकते है।