बक्सरः सेवा से वचिंत आंगनबाड़ी की सुपरवाइजर्स को हाईकोर्ट से मिली राहत

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डुमरांव/बक्सर(अरूण विक्रांत): सेवा से बर्खास्त बक्सर जिला के 17 बाल विकास परियोजना के आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं को उच्च न्यायालय से राहत मिली है। उच्च न्यायालय नें संयुक्त रूप से 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं द्वारा दायर किए याचिका पर सुनवाई के बाद एक अहम फैसला दिया है।

उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार की एकल बेंच द्वारा दिए गए फैसले में पांच बिंदुओं की चर्चा करते हुए संबधित विभाग को निर्देश जारी किया है।जारी आदेश के अनुसार नए सिरे से पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने तक सेवा लेने, चार माह के अंदर पर्यवेक्षिकाओं की नए सिरे से बहाली की प्रक्रिया को पूरा करने, बहाली प्रक्रिया के दरम्यान आवेदन की अतिंम तिथि के बाद भी आवेदन लेने,कार्य अनुभव के आधार पर छूट देने एवं निर्धारित उम्र सीमा के बीत जाने के बाद भी 2 से 3 साल तक के उम्र सीमा की छूट प्रदान करने को शामिल है।


गौरतलब हो, बर्ष 2010 में आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं की हुई नियुक्ति प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पर्यवेक्षिका पद की आवेदिका बिंदु कुमारी ने प्रमण्डल आयुक्त के यहां शिकायत दर्ज कराई थी। दर्ज शिकायत के बाद काफी दिनों तक पटना प्रमण्डल के आयुक्त के यहां जारी सुनवाई के बाद आयुक्त ने नियुक्ति प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण ठहराते हुए 8 अगस्त 2018 को एक आदेश जारी कर दिया।

आयुक्त के आदेश का अनुपालन करते हुए जिलाधिकारी नें कार्यरत पर्यवेक्षिकाओं की बहाली को अवैध ठहराते हुए सेवा से वचिंत कर दिया।आयुक्त एवं जिलाधिकारी के द्वारा जारी आदेश से व्यथित 17 आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाएं अपनी पीड़ा को लेकर गुहार लगाने माननीय उच्च न्यायालय की शरण में चली गई।


आहत व सेवा से वंचित आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं में यथा आरती कुमारी, अमृता कुमारी,ज्योतिष्मति,अंजू कुमारी, कुमारी श्वेता राय,रूपम कुमारी,साधना देवी,सुनिता कुमारी, कुमारी शशिबाला शर्मा,फिरोजा बानों,सुनिता कुमारी, प्रिती कुमारी, रेणु प्रभा, रिंकी कुमारी, शिप्रा कुमारी, श्वेता कुमारी,एवं उषा कुमारी नें संयुक्त रूप से पटना प्रमण्डल के आयुक्त एवं जिलाधिकारी के जारी आदेश को चुनौती देते हुए माननीय उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर कर दी।


दायर याचिका संख्या सीडब्लूजेसी संख्या 18094/2018 के आलोक में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आशुतोष कुमार ने फैसला दिया है।उच्च न्यायालय से प्राप्त फैसले के बाद सेवा से वंचित फरियादी आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं सहित सेवा से वचिंत अन्य आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिकाओं के बीच खुशी का आलम व्याप्त है।वहीं सेवा में बहाल होने को लेकर उनके बीच उम्मीद जाग उठी है।