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बक्सरः फर्जी डॉक्टर ने मासूम आर्यन की ली जान

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डुमरांव(अरुण विक्रांत): बक्सर जिला के पुराना भोजपुर-सिमरी रोड के किनारे धड़ल्ले से फर्जी क्लीनिक व दवाखना चलाने वाले फर्जी डाक्टर उतम मजूमदार उर्फ बंगाली ने इलाज के दरम्यान पुराना भोजपुर के मासूम 5 बर्षीय बालक आर्यन की जान ले ली। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने फर्जी नीम हकीम डाक्टर सहित एक अन्य सहयोगी को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। मृतक के पिता संजय चैधरी द्वारा फर्जी डाक्टर व उसके सहयोगी कथित कम्पाउडर के खिलाफ संबधित नया भोजपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराइ गई है। मासूम आर्यन की मौंत की घटना के बाद उसके माता रोते रोते बेहाल हो चुकी है।

बबुआ हमार नईखन लउकत के दादा…। हमार बबुआ कहवा चढ़के गईल बाड़ल ने ऐ दादा…..। रोते बिलखते सुनिता देवी की जुबां से निकलते इस वाक्यांश से वहां मौजूद लोगो की आंखे नम हो जाती है। डुमरांव अंचल क्षेत्र के पुराना भोजपुर निवासी संजय कुमार माता सुनिता देवी के एक पुत्री एवं एक पुत्र था। मासूम बच्चे की मौत की घटना के बाद संजय चैधरी के घर आंगन में महिलाओं व अन्य परिजन बच्चों के रूदन क्रंदन से आस पास का माहौल गमगीन हो उठा है।

घटना के बारे में मृतक के पिता ने अश्रुपूर्ण नयनों में बताया कि मासूम आर्यन हंसते खेलते सुनिता देवी के गोद में बुधवार की दोपहर पुत्र आर्यन बुखार से पीड़ित हो गया। काम से लौटने के बाद बुखार से पीड़ित बच्चे की ईलाज के लिए पत्नी के साथ अपने पास के नीम हकीम डाक्टर उतम मजूमदार उर्फ बंगाली के क्लीनिक पर ले गए। डाक्टर ने बच्चे का नब्ज टटोलने के साथ ही क्लीनिक में ही सीधे इंजेक्शन दे डाला। इंजेक्शन का मात्रा बच्चा आर्यन के शरीर में जाते ही मुंह से झाग निकलने लगा और चंद मिनट के अंतराल में ही मासूम ने दम तोड़ दी।


स्वास्थ विभाग के समक्ष यक्ष सवाल- पुराना भोजपुर के निवासी संजय चैधरी के पुत्र आर्यन की नीम हकीम डाक्टर के हाथो इलाज के दरम्यान जान चले जाने के बाद स्वास्थ विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष यक्ष सवाल ग्रामीणों के माध्यम से खड़े हो गए है। पुराना भोजपुर-सिमरी रोड व्यस्त रोड के किनारे धड़ल्ले से बंगाली उतम मजूमदार एक अर्से से फर्जी क्लीनिक सह दवाखाना चला रहा था। पर स्वास्थ विभाग के प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान कभी उस फर्जी क्लीनिक की ओर नहीं गया।

सबसे अधिक आश्चर्यजनक बात तो यह है कि फर्जी क्लीनिक एवं दवाखाना चलाने वाले नीम हकीम डाक्टर ने उक्त स्थल पर एक श्याम पटट् भी नहीं लगाया था। वहीं जानकार सूत्रों की मानें तो नीम हकीम डाक्टर उतम मजूमदार ने ग्राम-अम्बिकापाली थाना-जगदाल,जिला-24 परगना(वेस्ट बंगाल) के आवासीय पता पर पुराना भोजपुर(सिमरी रोड) स्थान पर दवाखाना का एक लाईसेंस बर्ष 2010 में जरूर निर्गत करा रखा था। पर उसके लाईसेंस का रिन्यूल होता था अथवा नहीं।

दूसरी ओर खुलेआम करीब 10 बर्षो से बगैर साईन बोर्ड का फर्जी क्लीनिक चलाने वाले डाक्टर उतम मजूमदार के पास डाक्टर रहने के प्रमाण पत्र की जांच कभी स्वास्थ विभाग ने करने की आवश्यकता महसूस नहीं की। यह सवाल पुराना भोजपुर के ग्रामीणों के मानष पटल पर कौंध रहा है। पुराना भोजपुर गांव के ग्रामीणों में बिजय चैधरी, जगनारायण चैधरी,मुकेश चैधरी, अनिल चैधरी,मंटू सिंह एवं बिनोद गुप्ता ने बताया कि पुलिस हिरासत में मौजूद बंगाली डाक्टर उतम मजूमदार विगत करीब 20 सालों से पुराना भोजपुर में फर्जी क्लीनिक सह दवाखाना रोड के किनारे बगैर साईन बोर्ड के चलाता था।

इस घटना के सवाल पर अनुमंडलाधिकारी हरेन्द्र राम ने कहा कि पुराना भोजपुर में फर्जी क्लीनिक व दवाखाना चलाने वाले फर्जी डाक्टर के हाथांे मासूम बच्चे की मौंत की घटना को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कथित डाक्टर के फर्जीवाड़े का हर एंगिल से जांच पड़ताल के बाद आवश्यक कारवाई की जाएगी। अनुमंडल में नीम हकीम फर्जी डाक्टरों एवं फर्जी क्लीनिक चलाने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान चलाकर कारवाई की जाएगी।

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