बक्सर: पुलिस को लग रहा दोस्तों ने ही किया आशीष का मर्डर, भेजे गये जेल

बक्सर/अरूण विक्रांत: डीएभी के छात्र एवं अवकाश प्राप्त फौजी गजेन्द्र तिवारी के पुत्र आशीष हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस प्रशासन सुलझाने में कामयाबी हासिल करने की कगार पर पंहुच चुकी है। इसी कड़ी में पुलिस प्रशासन ने आशीष हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस प्रशासन के अनुसंधान के क्रम में प्रथम दृष्टया उसके दो दोस्त आजाद कुमार यादव एवं अमर कुमार यादव की संलिप्तता उजागर होते ही जेल भेज दिया।



पुलिस की पकड़ में आए पहला आजाद कुमार यादव नचाप पंचायत के चर्चित पूर्व मुखिया बीरेन्द्र यादव का पुत्र है। दूसरा नचाप गांव के ही निवासी हीरालाल यादव का पुत्र अमर कुमार यादव का नाम शामिल है। जो फिलवक्त दोनों को डुमरांव टेक्सटाईल्स कोलोनी का निवासी बताया गया है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो पकड़े गए दोनो आपस में चचेरे भाई है. आशीष के गत 7 अगस्त गुमशुदगी के दिन से ही दोनो दोस्तो पर पुलिस को शक बना हुआ था।

बाद में आशीष का शव बिजली आफिस के पास स्थित अर्द्धनिर्मित भवन से बरामद होने के बाद पुलिस का शक दोनो के प्रति और बढ़ गया। पुलिस द्वारा जांच पड़ताल एवं हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद दोनो की परिस्थिति जन्य साक्ष्य के आधार पर संलिप्तता उजागर हो गई।
पुलिस सूत्रों की मानें तो दोनो दोस्तो आजाद एवं अमर द्वारा आशीष को बाईक के माध्यम से अर्द्धनिर्मित घर तक पंहुचाया गया था।

वहां से आशीष का शव बरामद किया गया। जब कि जेल भेजे गए दोनो डीएभी के ही छात्र थे।
गौरतलब हो, आशिष हत्याकाण्ड का अनुसंधान पुलिस विभाग के सीआईडी के एडीजी विनय कुमार के दिशा-निर्देश में जारी है। इस हत्याकाण्ड से जुड़ी तमाम गुत्थी को सुलझाने एवं कथित अन्य संलिप्त अपराधकर्मियों को जेल के सलाखे में डालने की दृष्टि से पुलिस का आगे अनुसंधान कार्य जारी है।