डुमरांव : करीब पचास साल पहले श्रीमहावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा की पड़ी थी नींव

बक्सर

श्रीराम नवमी पर्व पर कल रविवार को डुमरांव में श्रीमहावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा का होगा आयोजन

बक्सर/विक्रांत। डुमरांव नगर के पहलवानों ने श्रीमहावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा की नींव रखने का काम किया था। नगर के चर्चित पहलवानों में पंडित शिव इच्छाधारी,श्रीकृष्ण हलुवाई, अलीराज राय, मुफुत माली, विश्वनाथ पहलवान,छत्तर राय एवं लल्लू केशरी के पिता की अगुवाई में बंसत पंचमी के दिन श्रीमहावीरी झंडा शोभा यात्रा की नींव छठिया पोखरा के पास मौजूद महावीर मंदिर अखाडा के पास रखी गई थी।

हालाकि साल समय का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिल सका है। उन दिनों स्थानीय नगर के विभिन्न इलाके के युवको के बीच शारीरिक बलशाली बने रहने एवं कुश्ती लड़ने का शौक था। पहलवान एवं कुश्ती को प्रोत्साहित में राज परिवार का भी योगदान था। कुश्ती एवं शारीरिक रूप से बलशाली बनने को लेकर नगर के विभिन्न इलाके मंे यथा टीचर ट्रेनिंग स्कूल के पास अवस्थित शिवमंदिर के पास निमेंज टोला के महावीर मंदिर के पास ठठेरी बाजार के महावीर मंदिर के पास,मच्छरहटट्ा गली, बड़ी संघत मठिया, दक्षिण टोला, नया थाना के पास मौजूद शिवमंदिर के पास, काली आश्रम के बाहर पहलवानों का अखाड़ा रहता था। वहां सुबह शाम नगर के सभी वर्गो के अधिकांश युवक अखाड़ा में मिटट्ी के साथ रियाज करते थे।

उक्त विभिन्न अखाड़े से झांकियों के साथ श्रीमहावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा निकलता था। विभिन्न अखाड़े की शोभा यात्रा मुख्य अखाड़े की श्रीमहावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा में शामिल हो जाता था। शोभा यात्रा का बदला माह-परपंरा की नीव रखने वाले पहलवानों के मरणोपरांत श्रीमहावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा की परपंरा का कमान उनके वंशज कुश्ती के शौकीन स्व.गोपाल जी हलुवाई, स्व.लल्लू केशरी,स्व.बटेश्वर हलुवाई एवं स्व.बासरोपन आदि ने संभाल ली। हाला कि कई शख्शियत है। जिनके नाम व पता की जानकारी नहीं मिल सका है। बाद में रामेश्वर नाथ तिवारी, प्रभाकर

तिवारी,जी.के.प्रसाद,डा.पी.दयाल, मिथिलेश सिंह,(सभी दिवंगत),सच्चिदानंद भगत,गुप्तेश्वर प्रसाद,सुरेन्द्र प्रसाद वर्मा, राधा मोहन सिंह, डा.रामाशंकर सिंह एवं मदन केशरी आदि ने इस परपंरा को बढ़ाए रखा। झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा का बदला समय- आज की तारीख में परपंरागत तौर पर निकाले जाने वाले श्रीमहावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा के आयोजन का समय सीमा व माह समिति द्वारा बदल दिया गया है। समिति द्वारा बंसत पंचमी से बदल कर श्रीराम नवमी पर्व के मौके पर कर दिया गया है।विगत कई साल से श्रीमहावीरी झंडा पूजा समिति,डुमरांव के संयोजक गुप्तेश्वर प्रसाद उर्फ गुरू जी के नेतृत्व में श्रद्धालु युवाओं की टीम के सहयोग से महावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा का आयोजन होता है।

नागरिको का कथन-नगर के करीब 80 बर्षीय सिनियर सिटीजन सत्यनारायण प्रसाद उर्फ दादा कहते है कि करीब पांच दशक पहले इस नगर के सभी वर्गो के अधिकांश युवको के बीच शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने एवं कुश्ती प्रतियोगिता का शौक था। कुश्ती के शौकीन पहलवानों द्वारा करीब 50 दशक पहले डुमरांव में महावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा की नींव रखी गई थी। उनमें पहलवान पंडित शिव इच्छाधारी एवं पहलवान श्रीकृष्ण हलुवाई का नाम सुमार है।

नगर के रामजी सिंह शेरे दिल कहते है कि श्रीमहावीरी झंडा पूजा एवं शोभा यात्रा के मौके पर विभिन्न अखाड़े के पहलवानों द्वारा गदका, बनेठी, डंडा प्रहार एवं तलवार प्रहार के कला का प्रदर्शन किया जाता था। इस शोभा यात्रा के दरम्यान मुस्लिम परिवार के युवक भी विभिन्न प्रहार कला एवं शारीरिक शौष्ठव प्रदर्शन में हिस्सा लेते थे।

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