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डुमरांव : चिकित्सक के चौखट पर वायरल फीवर पीड़ितों के अभिभावक इलाज कराने को इतंजार करने पर मजबूर

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बक्सर,10 सितम्बर(विक्रांत)। इन दिनों डुमरांव, बक्सर सहित आस पास के क्षेत्रों में वायरल फीवर का प्रभाव घटने की जगह दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है। वायरल फीवर के चपेट में आने वालो में सर्वाधिक बच्चे-बच्चियों की संख्या पाई गई है। वायरल फीवर के चपेट में आने वाले बच्चे बच्चियों की उम्र करीब 6 माह से लेकर 3 साल पाई जाती है।

पीड़ित बच्चे-बच्चियों के ईलाज के लिए उनके अभिभावक अस्पताल, पीएचसी एवं प्राईवेट चिकित्सा केन्द्र पर ले जाने को मजबूर है। हॉला कि स्वास्थ विभाग द्वारा सरकारी चिकित्सा केन्द्रों में पीएचसी एवं अनुमंडल अस्पताल में दवा एवं शिशु रोग के चिकित्सक उपलब्ध रहने का दावा किया गया है।

पर अधिकांश अभिभावक पीड़ित बच्चे बच्चियों को सरकारी चिकित्सा केन्द्रों की तुलना में प्राईवेट चिकित्सक से ईलाज कराना मुनासीब सा समझते है। इसका जागता उदाहरण शुक्रवार को अनुमंडल अस्पताल के आलावे एक चिकित्सक के प्राईवेट चिकित्सा केन्द्र के पास सामने आया है। एकतरफ अनुमंडल अस्पताल में वारयल फीवर से पीड़ित बच्चे के ईलाज के लिए दर्जनो अभिभावक अपनी बारी आने की प्रतिक्षा को लेकर कतार में खड़े दिखे।

दुसरी ओर नगर के एक चर्चित शिशु बिशेषज्ञ चिकित्सक के चौखट के पास पेड़ की छांव मे गोद में पीड़ित बच्चे को लिए महिलाएं चिकित्सक के आने की प्रतिक्षा में घंटो इंतजार करते दिखी। अनुमंडल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डा.भारत वासी ने बताया कि नित्य करीब दो दर्जन वायरल फीवर से पीड़ित बच्चे-बच्चियों को उनके अभिभावक अस्पताल में ईलाज के लिए लेकर आते है।

उन्होनें बताया कि शुक्रवार को अपने ड्यूटी काल में वारयल फीवर से 20 बच्चे-बच्चियों का ईलाज किया। जिसमें आधा दर्जन बच्चे बच्चियों के कोरोना जांच करवाया। पर रिजल्ट निगेटिव निकला। डा. भारत वासी ने बताया कि वायरल फीवर से घबड़ाने की जरूरत नही है। प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र डुमरांव के प्रभारी सह शिशु रोग बिशेषज्ञ डॉ.आर बी प्रसाद ने बताया कि वायरल फीवर से शिशु को बचाने के लिए सबसे पहले उसे नमीं से बचाना जरूरी है।

कूलर एवं एसी के पास शिशुओं को ज्यादा समय तक नही रखना चाहिए। उन्होनें कहा कि मौसम जनित बुखार है। दवा का सेवन कराते हुए बच्चों को सर्द-गर्म से बचाने की जरूरत है। घबड़ाने की जरूरत नहीं है। प्रभावित बच्चे बच्चियों को ठीक होने मे थोड़ा समय लग रहा है।

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