चंपारण: बेतिया नप के कार्यकारी सभापति क़युम अंसारी की कार्यशैली के ख़िलाफ़ पार्षदों ने मोर्चा खोला

बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा: पश्चिम चम्पारण जिला मुख्यालय बेतिया बेतिया स्थित नगर परिषद के उपसभापति रहे कार्यकारी सभापति कयूम अंसारी की कार्यशैली के विरोध में आधे दर्जन से भी अधिक नगर पार्षदों ने मंगलवार को मोर्चा खोला। वज़ह यह कि नगर परिषद की सशक्त समिति सदस्य शहनाज खातून, पार्षद दीपेश सिंह, रोहित कुमार, जरीना सिद्दीकी, कैसर जहां, मधु देवी व श्रीमती देवी ने जिला पदाधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी एवं विभाग को सामूहिक आवेदन देकर नप के उपसभापति सह कार्यकारी सभापति कयूम अंसारी के 24 घंटे से कम समय के अंतराल की सूचना पर सशक्त स्थाई समिति की बैठक बुलाई गई, जिसको पूर्णतया गैर वैधानिक और बिहार इम्पावर्ड स्टैंडिंग कमिटी कन्डक्ट ऑफ बिजनेस रूल, 2010 में वर्णित नियम 7 का सर्वथा उल्लघंन करार दिया है।



सामुहिक आवेदन में सोमवार की नोटिस पर मंगलवार को 24 घण्टे से भी कम समय में बुलाई गई नप के सशक्त स्थाई समिति के ग़ैरवैधानिक निर्णयों को अमान्य करने तथा उपर्युक्त बैठक में लिए निर्णय पर कोई अमल नहीं करने का अनुरोध किया है। नगर परिषद कार्यालय व जारी बैठक में पहुंच कर आवेदन सौपने वाले पार्षद दीपेश सिंह और अन्य पार्षदगण ने बताया कि श्री अंसारी ने एक अवैध मत को वैध करार देते हुये तत्कालीन सभापति गरिमा देवी सिकारिया के विरुद्ध अविश्वास के प्रस्ताव को पारित कर दिया। इस अनैतिक कार्य का विरोध करते हुये जब जब पार्षदगण ने मतपत्रों के रि-काउंटिंग की मांग की तो कयूम अंसारी ने पद का दुरुपयोग करते हुए, मांग को नकार दिया।

अब इसके विरुद्ध रीकाउंटिंग के लिए गरिमादेवी सिकारिया ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर किया, जिसपर पर संज्ञान लेने के बाद उपसभापति पुनः ग़ैर वैधानिक कृत्य करने की कवायद को अंजाम देने में लगे हैं। नप कार्यालय में जारी उपर्युक्त बैठक के दौरान पार्षद दीपेश सिंह ने बताया कि पटना हाईकोर्ट में नगर परिषद का पक्ष रखने के लिये दो दो अधिवक्ताओं के रहते तीसरे अधिवक्ता की नियुक्ति करना, केवल गरिमादेवी सिकारिया के परिवाद संख्या सीडब्लूजेसी- 3884/2021 के लिये एक और अधिवक्ता रखने के लिये बैठक विधिसम्मत नही होने व कार्यकारी सभापति के पद का दुरुपयोग भी है।

बैठक में सशक्त स्थाई समिति के चार ही सदस्य उपसभापति कयूम अंसारी, रमाकांत महतो, संजय सिंह उर्फ छोटे सिंह, दीपेंद्र कुमार उपस्थित हुए। आश्चर्यजनक तथ्य यह कि 23 फरवरी 2021 को बुलाई गई, इसके लिए सारे नियमो ताक पर रखकर बैठक के लिए पत्र जारी कर दिया कार्यपालक पदाधिकारी ने और पूछने पर कुछ स्पष्ट रुप से नहीं बता रहे हैं। नगर परिषद सशक्त स्थाई समिति की बैठक के संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी विजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि बैठक नहीं हुई। अब प्रश्न यह कि बैठक नहीं हुई तो नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी स्पष्ट रुप से पत्रकार को कुछ बताने से परहेज़ क्यों करते रहे हैं।