चंपारण: रॉयल बंगाल टाइगर को वन विभाग ने रेस्क्यू कर पकड़ा, ग्रामीणों को राहत

बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा: पश्चिम चम्पारण जिला अंतर्गत नरकटियागंज अनुमण्डल स्थित गौनाहा प्रखण्ड के तीन व्यक्तियों की जान लेने वाली मादा रॉयल बंगाल टाइगर को रेस्क्यू करने वाली टीम के कर्मियों ने टेकुलाइजर से उसको बेहोश करने के बाद मानपुर वन कार्यालय लाया गया। उधर बाघ के पकड़े जाने के बाद जंगल से सटे मानपुर, पुरैनिया, चकरसन, गम्हरिया, पड़रिया, सूर्यपुर- परसौनी गांव के लोगों ने राहत की सांस ली है। बाघ के पकड़े जाने की खबर सुनते ही सैकड़ों लोग मानपुर वन कार्यालय के पहुंच गये। उधर पटना से हमारे वरीय पत्रकार सह राज्य वन्य प्राणी पर्षद सदस्य मृत्युंजय मानी ने बताया है कि दु :खद यह भी है कि वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना क्षेत्र से भटक कर मादा बाघ पर तीन व्यक्तियों की हत्या का आरोप है।



बीती रात प्राणी अस्पताल पटना में मादा बाघ की मौत हो गयी । उसपर आरोप है कि मंगुरहा रेंज में दो महिला समेत तीन लोगों की हत्या तथा दो को घायल कर चुकी है। गुरुवार को वन विभाग की टीम उसे पकड़कर संजय गांधी जैविक उद्यान के प्राणी अस्पताल में लाकर भर्ती कराया। इलाज प्रारंभ होने के कुछ ही देर बाद उसकी मौत गुरुवार को हो गयी। मादा बाघ वृद्ध होने के साथ घायल पाई गई। प्रथम दृष्टया पाया गया कि बाघ (मादा) शिकार नहीं कर पा रही होगी। भूख से तड़पती मादा बाघ जंगल से बाहर आ जाने के बाद, उसके पीछे 100 वन कर्मियों की टीम व ग्रामीण उसके पीछे पड़े रहे। श्री मानी की माने तो पकड़े जाने के समय वह भागने की स्थिति में भी नहीं रही होगी।

उसकी हालत देख यह कहना कि मादा बाघ तीन लोगों की हत्या कर चुकी है, फिलहाल गलत होगा। ऐसे में तीन व्यक्ति की मौत दूसरे बाघ ने किया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट बहुत कुछ स्पष्ट कर देगा, मादा बाघ के शरीर पर माँस नहीं पाया गया हैं। मादा बाघ के शरीर की हड्डियां दिख रही है। उल्लेखनीय है कि वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना क्षेत्र में लगभग 40 बाघ हैं। वन विभाग की टीम तत्परता दिखा कर मादा बाघ को पकड़ा, उसे बचाने के लिए प्राणी अस्पताल तक लाया, अलबत्ता उसकी मौत हो गई। अब प्रश्न यह उठता है कि पकड़ी गई मादा बाघ शिकार करने में असमर्थ रही और हमलावर बाघ दूसरा होगा तो वह वनक्षेत्र के आसपास फिर आ सकता है। इसलिए गौनाहा, सहोदरा, मानपुर व मटियरिया थाना क्षेत्र के जंगली क्षेत्र नजदीक के ग्रामीणों को अभी सतर्क व सावधान रहने की आवश्यकता है।