मुख्यमंत्री ने दिया किसी भी इच्छुक किसान को धान अधिप्राप्ति से वंचित न रहने देने का निर्देश

स्टेट डेस्क/ पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में खरीफ विपणन मौसम 2020-21 में धान अधिप्राप्ति से संबंधित समीक्षा बैठक की। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव विनय कुमार एवं सहकारिता विभाग की सचिव बन्दना प्रेयसी ने धान अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति से संबंधित विस्तृत जानकारी दी।



उन्होंने धान अधिप्राप्ति में किसानों की अद्यतन संख्या, जिलावार अधिप्राप्ति के लक्ष्य के विरूद्ध उपलब्धि, धान अधिप्राप्ति के अद्यतन वित्तीय पक्ष के साथ-साथ धान अधिप्राप्ति से जुड़े अन्य बिन्दुओं पर जानकारी दी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि हमलोग किसानों के हित में काम कर रहे हैं। हमलोगों का उद्देश्य है कि धान की ज्यादा से ज्यादा अधिप्राप्ति हो ताकि उससे तैयार होने वाले चावल की बिहार में ही अधिकतम खपत हो।

बिहार में ज्यादातर लोग उसना चावल खाना पसंद करते हैं। उसना चावल मिलों की शुरूआत को लेकर तेजी से काम करें। सभी जिलाधिकारी पैक्सों एवं मिल मालिकों से बैठक कर उसना चावल के उत्पादन को प्रोत्साहित करें। पहले से ही उद्योग विभाग की तरफ से मिल मालिको को काफी मदद दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में जानकारी दी गयी है कि पूर्व के वर्षों की तुलना में इस वर्ष अब तक रिकाॅर्ड धान अधिप्राप्ति हुयी है, यह खुशी की बात है। राज्य में उत्पादन और उत्पादकता बढ़ी है। हर क्षेत्र की अलग-अलग उत्पादन क्षमता है। अगले वर्ष धान अधिप्राप्ति के लक्ष्य के लिये क्षेत्रवार रियलिस्टिक एसेसमेंट करायें ताकि और अधिक धान अधिप्राप्ति की जा सके। धान अधिप्राप्ति का कार्य भी ससमय शुरू हो सके।

उन्होंने कहा कि बचे हुए किसानों का आकलन कराएं और क्षेत्र में धान की उपलब्धता का भी आकलन करें। कोई भी इच्छुक किसान धान अधिप्राप्ति से वंचित न रहे। पैक्स और चावल मिलों की भंडारण क्षमता का आकलन कर उसका विस्तार करें। सभी जिलों में गोदाम/स्टोरेज की स्थापना के लिये तेजी से काम करें। उन्होंने कहा कि रैयत किसानों के साथ-साथ गैर रैयत किसानों से भी काफी मात्रा में धान अधिप्राप्ति की गयी है, इससे गरीब किसानों को अपने धान का उचित मूल्य मिल रहा है, यह खुशी की बात है।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी समीक्षा बैठक से जुड़े हुए थे। पूर्णिया, रोहतास, औरंगाबाद, बक्सर, गया, भोजपुर, नालंदा, पटना, बांका, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण एवं सीतामढ़ी जिले के जिलाधिकारियों ने अपने जिलों में धान अधिप्राप्ति की अद्यतन स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। बैठक में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, सहकारिता मंत्री सुबाष सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, सचिव सहकारिता विभाग बन्दना प्रेयसी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।