कांग्रेस का साथ मिलने के बाद दरभंगा पहुंचे कीर्ति आजाद, मंच टूटने से मची अफरातफरी

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सेंट्रल डेस्क: कांग्रेस का हाथ थामने वाले भाजपा के निलंबित सांसद कीर्ति झा आजाद मंगलवार को दरभंगा पहुंचे। कीर्ति झा आजाद का स्वागत पार्टी कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने फूल-माला पहनाकर कर किया, साथ ही फूल बरसा कर स्वागत किया। इसके बाद वे पार्टी के जुलूस में शामिल हुए और शहर के विभिन्न इलाकों में भ्रमण किया। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। इतना ही नहीं बल्कि शोभन चौक पर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुटी हुई थी.

इससे पहले दरभंगा पहुंचने पर उनके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने एकमी घाट के पास उनका स्वागत किया। कीर्ति आजाद के साथ पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष डॉ मदन मोहन झा सहित कई अन्य नेता भी थे। सांसद के इंतजार में सुबह से ही उन जगहों पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। एकमी घाट पहुंचने के बाद वे जुलूस में शामिल होकर बलभद्रपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय होते हुए जिले का भ्रमण किया।

सभा के लिए बना मंच टूटा, मची अफरातफरी
सांसद कीर्ति झा आजाद की सभा के लिए कांग्रेस कार्यालय में मंच बनाया गया था, जो टूट गया जिसके बाद सभा में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई। मंच टूटने के वक़्त सांसद के अलावे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद थे। उन दोनों नेताओं को चोट लगी या नहीं, इस पर कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। जबकि मंच टूटने से कई नेताओं को चोट लगी है।
स्थिति सामान्य होने के बाद फिर से सभा शुरू हुई। मंच टूटने के कारण नेताओं को मंच के नीचे लगी कुर्सी पर बैठना पड़ा और सभा की कार्रवाई को आगे बढ़ानी पड़ी। क्षमता से अधिक लोगों का चढ़ना के कारण मंच टूट गया। बता दें कि, मंच पर लगभग एक दर्जन लोगों के ही बैठने की क्षमता थी, जबकि उस पर करीब 50 से 60 लोग चढ़ गए थे।

कृति 1999 में दरभंगा से बने थे सांसद
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के पुत्र कीर्ति आजाद वर्ष 1999 में पहली बार दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद चुने गए थे। वर्ष 2004 में राजद के मो. अली अशरफ फातमी से चुनाव हार गए। इसके बाद वर्ष 2009 और 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में लगातार विजयी रहे। डीडीसीए मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली से तकरार के बाद उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कीर्ति लगातार भाजपा के खिलाफ मुखर होते गए। वर्ष 2018 से ही उनके बगावती तेवर खुलकर सामने आने लगे। बिहार भाजपा के कद्दावर नेता और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के खिलाफ मोर्चा खोला। इस बीच कुछ माह पूर्व से ही कीर्ति कांग्रेस में जाने के संकेत दे रहे थे।