मधुबनी हत्याकांड में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए परिजनों ने किया पिंडदान, दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग की

गया/पुरूषोत्तम कुमार : मधुबनी हत्याकांड में मारे गए लोगों के परिजन आज गया पहुंचे। परिजनों ने शहर के फल्गु नदी के पश्चिमी छोर पर स्थित देवघाट पर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए पिंड प्रदान किया। ब्राह्मणों द्वारा धार्मिक मंत्रोच्चारण के साथ पिंडदान की प्रक्रिया संपन्न की गई। इस दौरान देवघर घाट पर एक अजीब सा माहौल देखने को मिला। ब्राह्मण लगातार पिंडदान कर्मकांड कर रहे थे और मृतक के परिजन चीत्कार कर रहे थे।


महिलाएं विलाप कर रही थी। एक तरफ पिंडदान की प्रक्रिया पूरे विधि विधान से संपन्न हो रही थी, वहीं दूसरी तरफ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पिंडदान करने आए अन्य लोग भी यह दृश्य देखकर हैरान थे। इस दौरान मृतक के पुत्र हर्ष सिंह ने बताया कि उनके पिता की हत्या गोली मारकर कर दी गई। अन्य कई लोगों को भी मौत के घाट उतार दिया गया। पूरा परिवार दुखी है। समझ में नहीं आ रहा हम लोग क्या करें? पिता की आत्मा की शांति के लिए हमलोग यहां पिंडदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि घटना में शामिल दोषियों को पुलिस अविलंब गिरफ्तार करें और कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

जिस तरह से उनलोगों ने हम लोगों के पिता की हत्या की है उसी तरह से सरकार उन्हें भी फांसी की सजा दें। वहीं इस दौरान मौके पर मौजूद राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक शेर सिंह राणा ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी जनता को सुरक्षा देने में नाकाम रहे हैं। घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी परिजनों को इंसाफ नहीं मिला, अगर यही सत्तारूढ़ दल के पार्टी के किसी नेता के परिवार के साथ इस तरह की घटना घटी होती तो अब तक कार्रवाई हो जाती और इंसाफ भी शायद परिजनों को मिल जाता।

लेकिन इस हत्याकांड के परिजनों को अब तक न्याय नहीं मिला है। हम सरकार से मांग करते हैं कि घटना में शामिल दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही पीड़ित परिजनों को उचित मुआवजा भी दिया जाए। इसे लेकर हमारी पार्टी द्वारा 11 अप्रैल को बिहार बंद का आह्वान किया गया है। इस दौरान हमारे कार्यकर्ता बिहार के सभी जिलों में इस घटना के विरोध में प्रदर्शन करेंगे।