बेटे के हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए सिटी एसपी को दिया आवेदन, कहा-मुफ्स्सिल पुलिस अभियुक्तों को बचा रही है

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गया/(विशाल वर्मा): मुफस्सिल थाना कांड संख्या 34/19 के आरोपितों को स्थानीय पुलिस द्वारा बचाए जाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में  पीड़ित पक्ष ने सिटी एसपी को लिखित आवेदन देकर मुफ्स्सिल पुलिस की जांच के खिलाफ शिकायत की है। मुफस्सिल थाना के रहने वाले मोहम्मद शमीम ने कहा है कि उसके पुत्र मोहम्मद वसीम उर्फ पिंटू की हत्या 28 जनवरी को कर दी गई थी। घटना के पीछे वसीम की पत्नी, सास सलमा खातून, मामा ससुर अनवर मियां, जाकिर मियां, राजू बावर्ची बबन आदि का हाथ है लेकिन पुलिस इस मामले की सही जांच नहीं कर रही है।

मोहम्मद शमीम ने कहा है कि जहां पर उसके पुत्र मोहम्मद वसीम की लाश मिली थी, उसके आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे थे। किन्तु थानाध्यक्ष और अनुसंधान कर्ता को सीसीटीवी कैमरे की जांच करने को कहा तो वे लोग टाल गए। अक्सर अभियुक्तों और उनके परिवार के घर पुलिस का आना जाना हो रहा है और यही कारण है कि अभी तक मेरे पुत्र के मोबाइल नंबर 6206523844 एवं 9852542760 का अभी तक सीडीआर नहीं निकाला गया है। अब स्थिति यह है कि अभियुक्त गण लगातार हमें केस सुलह करने की धमकी दे रहे हैं।

शिकायत के बाद भी मुफ्स्सिल पुलिस हमारी कोई मदद नहीं कर रहा। मोहम्मद शमीम ने कहा है कि घटना वाली शाम को मोहम्मद वसीम लगभग 6:00 बजे घर आए और वहीं पर उसकी पत्नी रिजवाना ने धमकी दी। इसके बाद मेरा लड़का तुरंत चला गया और रात 8:00 बजे से उसका मोबाइल बंद था। कोर्ट में रिजवाना खातून तथा उनके नैहर के लोग मुकदमा किए है, कोर्ट के बाहर मेरे बेटे को मारते पीटते रहते थे। इस संदर्भ में थाना तथा न्यायालय में मेरे बेटे ने दरखास्त दिया था। अब जब वसीम की हत्या कर दी गयी है तो अभियुक्तों द्वारा सुलह के लिए धमकाया जा रहा है। 

मृतक के पिता मोहम्मद शमीम ने सिटी एसपी से मांग किया है कि घटना वाली जगह पर जो सीसीटीवी फुटेज है, उसे अभियुक्त गण जाकर मिटा रहे हैं। फुटेज की क्लिप को मिटाया जा रहा है, इसमें मुफ्स्सिल पुलिस मदद कर रही है और जान बूझकर सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में पुलिस नहीं कर रही। सिटी एसपी से मांग किया कि सीसीटीवी फुटेज की जांच और मोबाइल का सीडीआर निकाला जाए। ताकि मेरे बेटे की हत्या में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।

सिटी sp अनिल कुमार ने बताया कि हत्या मामले में पीड़ित पक्ष के द्वारा लिखित सिकायत मिली है। इसे लेकर मुफ्स्सिल sho और केश के io को निर्देश दिया गया है। सीडीआर और सीसीटीवी फुटेज जांच करने और घटना में संलिप्त रहे अपराधियों की गिरफ्तारी का भी निर्देश दिया गया है।