टीबी एवं कुष्ठ रोग का दो दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

शिवहर/नवीन पांडेय: सिविल सर्जन कार्यालय स्थित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के तत्वधान में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य जांच सरकारी विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर किया जाएग । इसमें कई प्रकार के बीमारियों की जांच आरबीएसके चलंत चिकित्सा दल के द्वारा किया जा रहा है उक्त जानकारी सिविल सर्जन डॉ राजदेव प्रसाद सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान कहा है। डॉ राजदेव प्रसाद सिंह सिविल सर्जन ने प्रशिक्षण के दौरान कहा है कि इसका इलाज पीएचसी, डीएच, डीआईसी में होता है।



तथा गंभीर बीमारी से ग्रसित एवं जन्मजात बीमारियों का इलाज आईजीआई सहित अन्य संस्थानों में तथा बेहतर इलाज के लिए एम्स पटना में रेफर कर आरबीएसके अंतर्गत मुफ्त में इलाज कराया जाता है। डॉ सिंह ने बताया है कि गंभीर बीमारियों के अंतर्गत जन्मजात हृदय रोग, जन्मजात बहरापन, जन्मजात अंधापन, डेवलपमेंट, डाउन सिंड्रोम ,स्पाइनल डिफेक्ट, कटा हुआ ओठ एवं तालू का ऑपरेशन निशुल्क होता है।

उपरोक्त सभी बीमारियों के अलावे टीबी एवं लेप्रोसी का स्क्रीनिंग कर संबंधित संस्थान को रेफर कर समुचित इलाज कराया जाता है। इसके उन्मुखीकरण के लिए सभी चलंत चिकित्सा दलों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी जीएचके ,आरबीएसके, चलंत चिकित्सा दल है ,प्रशिक्षणकर्ता एवं जिला समन्वयक आरबीएसके डॉ सुजीत कुमार कौशिक तथा दो मास्टर ट्रेनर डॉ उमेश प्रसाद एवं डॉक्टर देव शंकर नाथ के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अभी तक जिले से तीन हृदयरोग, 15 बच्चे वेटिंग लिस्ट में है। जिसका इलाज तुरंत प्रदान करने हेतु डॉ सुजीत कुमार कौशिक के द्वारा तैयारी की जा रही है।