मधेपुरा: सड़कों के लिए सड़क पर उतरे लोग, दिया प्रशासन को पंद्रह दिनों का अल्टिमेटम

मधेपुरा(रुपेश कुमार): कोसी क्षेत्र की लाइफ लाइन कहे जाने वाले एनएच 106 और एनएच 107 की बदहाली के खिलाफ और उसके निर्माण की मांग को लेकर सहरसा और मधेपुरा में बंद का व्यापक असर रहा। बिना किसी राजनीतिक पार्टी के बैनर के आमलोग सुबह से ही सड़कों पर उतर गए। मधेपुरा में स्वत: बंद के कारण विरानी छायी रही। मधेपुरा में बंद के समर्थन में मधेपुरा समेत सिंहेश्वर, मुरलीगंज, उदाकिशुनगंज, पुरैनी, चौसा कुमार खंड समेत अन्य प्रखंडों में लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखी।



प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने बंद का समर्थन करते हुए स्कूलों को बंद रखा। बस एसोसिएशन, ऑटो रिक्शा एसोसिएशन, ई- रिक्शा एसोसिएशन ने बंद का समर्थन करते हुए वाहनों का परिचालन बंद रखा। बंद को व्यापार संघ का समर्थन होने के कारण ज्यादातर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बंद समर्थकों ने बैंकों को बंद कराया। बैैंको के शटर गिरे रहने के कारण आम लोग प्रभावित हुए। इस दौरान मधेपुरा समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में आक्रोश मार्च निकाला गया। बस अड्डे पर वीरानी छायी रही।

लोग पैदल ही सामान लेकर आवागमन करते रहे। तेज धूप और उमस भरी गर्मी के बीच लोग सड़कों पर जमे रहे। बंद समर्थकों ने शासन- प्रशासन के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि एनएन 106 और 107 की स्थिति काफी खतरनाक है।

दुर्घटनाओं के कारण लोगों को जान गंवानी पड़ती है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी लोगों की परेशानी के प्रति उदासीन बने है। लोगों ने कहा कि जन आंदोलन जनभावनाओं का विस्फोट है। उन्होंने कहा कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण जिले का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।

जन आंदोलन से जुड़े लोगों ने कहा कि एनएच का निर्माण नहीं होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा।कोसी बंद के बीच एक प्रतिनिधि मंडल ने डीएम से मिल एक ज्ञापन सौंपा जिसमे सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है कि इस 15 दिन में इसे चलने लायक बनाया जा सके जिससे आमजन तत्काल समस्या से निजात पा सके।

प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने बताया की अगर 15 दिन के अंदर इस ओर सरकार ध्यान नही देती है तो हमलोग इससे भी बड़ा आन्दोलन करने को बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी।अब देखना दिलचस्प होगा कि इतने व्यापक स्तर के बंदी के बाद भी सरकार इस गडढेनुमा सड़क पर क्या रुख अख्तियार करती है या अपने जनता के प्रति उदासीनता ही दिखाते है।