BIG BREAKING : बेनीपट्टी नरसंहार का मुख्य आरोपी प्रवीण झा चार साथियों समेत गिफ्तार

मधुबनी/राजीव झा : बेनीपट्टी के सामूहिक हत्याकांड के मुख्य आरोपी प्रवीण झा उर्फ रावण को चार अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है ।आधिकारिक सूत्रों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि हो गई है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि गिरफ्तारी कहाँ से हुई। चर्चा है कि गिफ्तारी पड़ोसी देश नेपाल से हुई जबकि पुलिस इस पर मौन साधे हुए है। प्रवीण झा का भाई नवीन अभी फरार है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रवीण के अलावा चंदन झा, मुकेश साफी,भोला सिंह के अलावा एक और की गिरफ्तारी हुई है। याद रहे कि होली के दिन मधुबनी के महमदपुर गांव में एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सियासत भी गरमा गई थी। पुलिस पर आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने को लेकर काफी दबाव था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कहा था कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी। तेजस्वी यादव ने कहा था कि आरोपी प्रवीण झा को पुलिस ही नेपाल छोड़ आई है।

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मंगलवार को मधुबनी के महमदपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा था कि ‘रावण सेना’ नाम से संगठन चलाने वाले लोगों ने यहां पांच भाइयों की नृशंस हत्या की है। आरोपी प्रवीण की मिलीभगत प्रशासन के लोगों से है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ही आरोपी प्रवीण को नेपाल जाकर छोड़ी है। उन्होंने पूर्व मंत्री विनोद नारायण झा को आरोपी का गुरू बताया था। तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार को पांच और एक लाख रुपए का चेक भी दिया था
होली के दिन 29 मार्च को मधुबनी के बेनीपट्टी के महमदपुर गांव में एक ही परिवार के 5 भाईयों की हत्या कर दी गई थी। इसमें एक पक्ष के 10-12 लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर दिनदहाड़े गोलियां बरसा दी। इस घटना में दूसरे पक्ष के तीन लोगों की मौत घटनास्थल से अस्पताल ले जाने के क्रम में हो गई थी। तीन और घायलों में एक की मौत अगले दिन पटना में हुई। वहीं, पटना में ही इलाजरत एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई। इस हत्याकांड में एक ही परिवार के तीन सहोदर भाई और उनके दो चचेरे भाई की मौत हो चुकी है ।
इस हत्याकांड में गोलीबारी के दिन ही दो सहोदर भाई रणविजय सिंह और वीरेंदर उर्फ वीरू सिंह (दोनों की उम्र 40 के करीब) की मौत हो गई थी। साथ में चचेरे भाई राणा प्रताप सिंह (42 वर्ष) की भी मौत हो गई। रणविजय सिंह के एक और सहोदर भाई अमरेंद्र सिंह (33 वर्ष) की मौत पटना में हुई थी। इसके अलावा राणा प्रताप सिंह के सहोदर भाई रूद्र नारायण सिंह और मनोज सिंह की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी।