खुदाबख्श ओरियंटल लाइब्रेरी को बचाने के लिए मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष करें पहल : सुदामा

मुजफ्फरपुर/प्रतिनिधि : बिहार के ऐतिहासिक धरोहर कहे जाने वाले खुदाबख्श ओरियंटल लाइब्रेरी को बचाने के लिए शुक्रवार को बिहार विधानसभा में पुस्तकालय समिति की बैठक में गहन विचार- विमर्श किया गया। अगली बैठक में पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों को बुलाकर खुदाबख्श ओरियंटल लाईब्रेरी को बचाने के सम्बन्ध में बात करने का निर्णय लिया गया। इस बाबत विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र भी दिया गया है।


यह जानकारी बिहार विधानसभा की पुस्तकालय समिति के सभापति सुदामा प्रसाद ने दी। लिखे गए पत्र में सुदामा प्रसाद ने कहा है कि पटना में कारगिल चौक से एनआइटी तक फ्लाई ओवर निर्माण के लिए बिहार सरकार द्वारा ऐतिहासिक धरोहर खुदाबख्श ओरियंटल लाइब्रेरी के गार्डेन व कुछ हिस्सों के तोड़ने का फैसला पूरी तरह से गलत व शिक्षा विरोधी है। बिहार के शैक्षणिक जगत में इस लाइब्रेरी का महत्वपूर्ण योगदान है, जिसकी न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति है। इतिहास को जानने-समझने का यह एक महत्वपूर्ण स्रोत है। इस लाइब्रेरी में महात्मा गांधी से लेकर कई राष्ट्रपति, राजनेता व विद्धान आ चुके हैं।

यह ऐतिहासिक अध्ययनों का भी एक बड़ा केंद्र है। ऐसी स्थिति में इसकी एक इंच जमीन को भी नुकसान पहुंचाना पूरे शैक्षणिक जगत पर हमला है। इससे पुस्तक प्रेमियों और लोगों में आक्रोश है। एक तरफ जहां नीतीश कुमार विरासतों को बचाने की बात करते हैं, वहीं इस अति महत्वपूर्ण शैक्षणिक व हेरिटेज बिल्डिंग को तोड़ने का निर्णय दुखद है। बिहार और पूरे देश का बुद्धिजीवी समुदाय इसकी इजाजत नहीं दे सकता है। सुदामा प्रसाद ने अपने पत्र में कहा है कि राज्य सरकार देश विदेश के इंजीनियरों को बुलाकर राय ले और नए तरीके से फ्लाईओवर का निर्माण कराएं ताकि लाइब्रेरी को कोई नुकसान नहीं हो। उन्होंने यह भी कहा कि हम फ्लाईओवर निर्माण के विरोधी नहीं हैं। इसका निर्माण होना चाहिए, लेकिन ऐतिहासिक धरोहर से छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दी जा सकती।