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पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर आम जनता को राहत सिर्फ एक छलावा : भाकपा

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मुजफ्फरपुर / बिफोरप्रिंट। भाकपा के बिहार प्रदेश राज्य कार्यकारिणी सदस्य अजय कुमार सिंह ने पेट्रोल डीज़ल के दाम कम होने पर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पेट्रोल डीजल में एक्साइज ड्यूटी घटाकर आम जनता को बड़ी राहत का जो ढ़िढोरापीटा जा रहा है यह महज एक छलावा है। केंद्र सरकार ने पिछले 60 दिनों में पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10-10 रुपये की बढ़ोतरी की और अब 8 एवं 7 रुपये की कटौती की गयी है। भारी बढ़ोतरी और फिर न्यूनतम कटौती करना अच्छा नहीं है। ये सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी के सिवाय कुछ नहीं है।

2014 में पेट्रोल पर एक्साइज 9 रुपैया 20 पैसा प्रति लीटर और डीजल पर एक्साइज 3 रुपैया 46 पैसा प्रति लीटर था। वर्ष 2022 में पेट्रोल पर एक्साइज 27 रुपैया 90 पैसा प्रति लीटर और डीजल पर एक्साइज 21 रुपया 80 पैसा प्रति लीटर है। बहुत अधिक बढ़ाकर थोड़ा कम करना एक छलावा है। एक्साइज ड्यूटी में बेतहाशा वृद्धि को सरकार वापस ले और आम जनता को राहत दे। पहले से ही नोटबंदी के चलते लाखों लोगों के रोजगार छिन गए।कोरोना काल में लोग बेरोजगार हो गए। आम लोगों की क्रय क्षमता घट गया है। आमजन महंगाई से त्रस्त है। केंद्र सरकार की नीतियों से कारपोरेट घराना मालामाल हो रहा है और आम जनता का जीना मुहाल है उनकी जिंदगी संकट में है।

वर्ष 2014 में 09.48% एक्साइज में राज्य को 03 रुपया 08 पैसा मिलता था वर्ष 2022 में 32.09% एक्साइज में राज्य को मात्र 57 पैसा मिलता है। यानी 2014 में 100 में राज्य को 32 मिलता था तो 2022 में 100 में राज्य को मात्र 2 मिलता है। केंद्र सरकार ने तेल से 03 लाख 72 हजार करोड़ रूपया कमाया जिसमें से राज्य को मात्र 972 करोड़ रुपए दिए।यह राज्य के साथ सौतेलापन है। जब राज्य ने हिस्सेदारी कम करने के सवाल को उठाया तो मोदी सरकार ने कहा हम अपना एक्साइज लगाए हैं आप अपना लगा लीजिए यानी केंद्र ने तो बढ़ाया ही और राज्य को भी बढ़ाने का आदेश दे दिया। जनता दो तरफा (केंद्र और राज्य) मार झेलने को अभिशप्त है। हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार एक्साइज को घटाकर महंगाई की मार से त्रस्त आम जनता को राहत दे।

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