नालंदा: ब्रिलियंट कॉन्वेंट में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन

नालंदा

— रंगोली के माध्यम से हम अपनी देश की परंपरा आस्था को जताते हुए सामाजिक संदेश का करते है प्रसार: डा.शशि भूषण कुमार 

Biharsharif/Avinash pandey: बिहारशरीफ शहर के स्थानीय ब्रिलियंट कान्वेंट के भव्य एवं विशाल सभागार में दीपावली के शुभ अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वर्ग 5 से दशम तक छात्र एवं छात्राओं ने ग्रुप बनाकर प्रतियोगिता में भाग लिया। विद्यालय के छात्र- छात्राओं ने काफी खूबसूरत एवं मनमोहन रंगोली बनाकर विद्यालय के सभागार को चार चांद लगा दिया।

विद्यालय के अध्यक्ष डॉक्टर शशी भूषण कुमार ने बतलाया कि रंगोली के माध्यम से हम अपनी देश की परंपरा आस्था को जताते हुए सामाजिक संदेश का प्रसार करते हैं। रंगोली का नाम और शैली एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भिन्न-भिन्न हो सकती हैं, लेकिन इसके पीछे की भावना और संस्कृति में बहुत सामान्य है।

यही विशेषता इसे विविधता देती है और इसके विभिन्न आयामों को दर्शाती है। हिंदू धर्म में आंगन या दरवाजे पर रंगोली बनाना बहुत शुभ माना जाता है और इसे घर के सुख समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती पुष्प लता विद्यार्थी ने बच्चों के इस रंगोली प्रतियोगिता को देखकर मंत्र मुक्त हो गईं तथा बच्चों के रंगोली प्रतियोगिता को देखकर उन्होंने अपनी बात को रखते हुए कहा कि यह हमारे भारतवर्ष के संस्कृति सजावट और शुभ मंगल का प्रतीक है।

विभिन्न अवसरों पर बनाई जाने वाली इन पारंपरिक कलाकृतियां के विषय अवसर के अनुकूल अलग-अलग होते हैं। विद्यालय के दशम वर्ग के बच्चों ने रंगोली में प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिसमें प्रेम शनि कुमार, आयुष कुमार, श्रेया शुभ खुशी खुशी सलोनी मारिया अर्पण साक्षी अंजली मेहता पायल अंजली कुमारी का योगदान रहा।

दूसरे स्थान पर विद्यालय के छठे क्लास के बच्चों ने बाजी मारी जिसमें आकृति रितिका दीपांजन आयुषी आर्यन अंकुश तथा आयुष रहे एवं तृतीय स्थान पर क्लास अष्टम के बच्चों ने ने अपना स्थान प्राप्त किया। जिसमें कृति शशि, रोहिणी निशु प्रियांशु माही अर्पिता मनीषा उज्जवल विक्रम और राजकुमार रहे।

विद्यालय के सभी शिक्षकों में सर्वश्री रंजय कुमार सिंह, विजय कुमार, पवन कुमार, किशोर कुमार पांडेय, चांद मिस, तनीषा मिस अंकित मिस मिलन मैं रौनक मिस सभा मिस रिंकू मै सूरज कुमार गांगुली सर राजकुमार सिंह नीरज कुमार आदि उपस्थित होकर बच्चों का हौसला बढ़ाया।