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नवादा के बनियाबीघा में लोगों ने उठाया रोजगार तथा स्कूली शिक्षा का मुद्दा

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नवादा (पंकज कुमार सिन्हा): ‌जत्था नौजवानों का जो बिहार के युवाओं द्वारा बिहार के एवं देश भर की युवाओं के लिए एक अनोखी पहल है, युवाओं के बीच संवाद समता दोस्ती और एक व्यापक सामाजिक-राजनैतिक समझ स्थापित करने मंगलवार को गोविंदपुर प्रखंड के बनियाबीघा में पहुँची I ऐसे समय पर जब सारे लोकतांत्रिक और प्रगतिशील ताकतें एकजुट हो रहे हैं।  मजदूर, किसान छात्र नौजवानों के अधिकारों की मांग करने जन जागरण शक्ति संगठन (JJSS), बिहार आंबेडकर स्टूडेंट्स फोरम (BASF), जन आन्दोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (NAPM) एवं अन्य अनेक राज्य तथा राष्ट्रिय स्तरीय युवा- छात्र – मजदूर- किसान संगठनों के नौजवानों द्वारा संचालित यह जत्था, 30 दिनों में 30 जिलों की यात्रा करेगी। 

युवाओं के ज्वलंत मुद्दे जैसे बेहतर शिक्षा, बेहतर रोजगार, उद्यमी और देश एवं समाज में बेहतर माहौल सुनिश्चित करने हेतु, सरकार को जवाबदेह ठहराते हुए, राज्य भर के युवाओं से एवं अन्य संगठन- समूहों से संवाद करते हुए चल रही है यह नौजवानों की टोली I गीतों के, नारों के, नाटक के माध्यम से बड़े रोचक तरीके से यह जत्था बढती बेरोजगारी, शिक्षा एवं स्वस्थ्य का निजीकरण, खाली पड़े सरकारी पद, कृषि में संकट, मेहेंगाई, घोटाले, अमीर-गरीब में बढती खाई, दलितों, महिलाओं, मजदूरों, मुसलामानों, ट्रांसजेंडर, अल्पसंख्यकों पर बढती हिंसा और युवाओं को लुभाने के लिए चुनावी माहौल में किये जाने वाले झूठे वादों का हिसाब मांगने, बिहार की आम जनता, ख़ास कर यहाँ के वंचित समुदायों की बातें सुनने, समझने और मिलकर संघर्ष करने निकली हुई है। ‌जत्था टीम बनियाबीघा पहुँचते ही सुरेन्द्र पासवान मुखिया प्रतिनिधि ने व मौके पर उपस्थित जैकी, लकी अन्य सभी ने जत्था का जोरदार स्वागत अभिनंदन किया।

मौके पर धर्मदेव पासवान राज्य समन्वयक दलित आर्थिक अधिकार आंदोलन ने जत्था का समर्थन देते हुए कहा कि सरकार कि युवा बिरोधी, उच्च शिक्षा विरोधी, रोजगारबिरोधी,बजट  विरोधी नीतियों पर राज्य के सभी वर्ग के नॉजबानो छात्रो को खासकर दलित/आदिवासी समुदाय के एक – एक लोगों को आवाज उठाना होगा,  और समझना होगा कि हमारा वास्तव में दुश्मन कौन हैं । सभा का संचालन जत्था टीम से कल्याणी ने किया। कल्याणी ने जत्था के उद्देश्यों को समुदाय के बीच रखते हुए कहा कि, समुदाय में हो रहें भेदभाव उनके अधिकारों का हनन ,स्कूली व्यवस्था में संसाधनों में कमी हमलोगों को रोकना होगा । ‌स्कूलों में खाली शिक्षक पदों पर भर्ती कराने पर अपनी बात रखी। पासवान ने यह भी कहा कि आज बिहार के कई विभागों में हजारों करोड़ की राशि वैसे ही रखी हुई होती हैं।  लेकिन आला अधिकारी को क्या सोचते नहीं है,  कि कैसे इनका सर्वांगीण विकास हो।   इसकी भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। रूबी रागिनी ऐडमम ने कहा कि दलित और महिलाओं पर लगातार हिंसा बढ रही है।  एक मिनट में 18 महिलाओं का बलात्कार हो रहा है। अब बहुत हो गया है। 

अब बर्दाश्त नहीं होगा। हमे संगठित होकर अपने हक को छीनना होगा । समाज में व्याप्त पितृसत्ता पर प्रहार करते हुए, सरकार पूंजीपतियों द्वारा संचालित कि जा रही जिससे समाज में गैर बराबरी बढ रहा है। मनोज निराला ने बताया है कि यह जत्था 10 मार्च को क्रन्तिज्योती सावित्रीबाई फुले की पुण्य तिथि पर यह पहले एक बड़ी युवा सम्मलेन के रूप में पटना में एकत्रित होगी । देश के तमाम पार्टियों, सामाजिक हस्तियों, बुद्धिजीवियों , संगठनों को अपनी सोच और मांगों से अवगत कराते हुए उन्हें ज़िम्मेदारी से पूरा करने का आह्वान करेगी I बिहार के लिए यह एक ऐतिहासिक यात्रा हैं।  जिसमें पहली बार सभी गरीब वर्ग और वंचित युवा वर्ग मिलकर लाल- नीला- हरा, सफ़ेद  सब को साथ लिए एक नयी सतरंगी नई विचारधारा का मिसाल कायम कर रहे है I टीम में रितम कुमारी, रंजीता कुमारी, बेबी कुमारी, सौरभ ,पवन, अखिलेश, मुन्ना कुमार, नंदनी, सोनू , प्रिया,दीपक इत्यादि शामिल हैं ।

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