Nawada: 25 माह बाद भी शिव शंकर सिंह के हत्यारे व नाबालिग पुत्री के अपहरण मामले में पुलिस के हाथ खाली

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एक ही रात पिता की गला रेत हत्या बाद पुत्री को अज्ञात अपराधियों ने किया था अगवा

Rabindra Nath Bhaiya: जिले के वारिसलीगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर 7 पावर हाउस (समीचक) मुहल्ला निवासी शिवशंकर सिंह हत्या कांड के हत्यारों एवं स्व सिंह की नावालिग पुत्री शालिनी कुमारी के अपहरण मामले में दो वर्ष बाद भी पुलिस की हाथ खाली है। घटना के उद्भेदन के प्रति पुलिस सुस्त हो चुकी है। जबकि समय की धूल घटना पर एक परत बनकर ढक दिया है, जबकि मृतक का पुत्र सह कांड का सूचक सिंटू कुमार को आज भी अपने पिता के हत्यारों को सजा दिलवाने एवं खोई बहन से मिलने का इन्तजार है। क्षेत्र के लोग घटना को भूल चुके हैं, जबकि पुलिस की अनुसंधान अभी तक हत्यारे एवं बालिका के अपहर्ता को ढूंढ पाने में विफल है।

घटना के बाद पकरीबरावां के तत्कालीन एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा के नेतृत्व में वारिसलीगंज पुलिस के अलावे डीआईयू पुलिस की मदद से केश की गुत्थी सुलझाने के लिए घटना के कुछ दिन बाद तक दिनरात हाथ पैर मारती रही। लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों का सुराग तक पहुंचने में पुलिस विफल साबित हुई है। बता दें कि 15 दिसंबर 2020 (मंगलवार) की देर रात घर में सपरिवार सोए शिवशंकर सिंह के घर में घुसकर बदमाशों ने स्व सिंह की गला काटकर हत्या कर दिया था।

जबकि महज दो फिट की दूरी पर स्थित दूसरे बेड पर सोई उनकी 16 वर्षीय पुत्री शालिनी कुमारी को हत्यारे अपने साथ लेकर चला गया था। घटना की सूचना के बाद पकरीबरावां के तत्कालीन एसडीपीओ समेत अन्य पुलिस दिनरात अपराधियों के सुराग पाने को लेकर सक्रिय हुई थी। तत्कालीन एसपी घटना स्थल पर पहुंचकर स्वजनों को हत्यारों को शीघ्र पकड़ने एवं अपहृत बालिका को बरामद करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन दो वर्ष की लंबी अवधि बीत जाने के पश्चात मृतक के स्वजनों में पुलिस के कार्य के प्रति निराशा का भाव बन चुका है, जबकि केश के अनुसंधानक पुलिस अधिकारी को भी अब मामले के उद्भेदन को लेकर विशेष रुचि नहीं है। इस बाबत पकरीबरावां एसडीपीओ महेश चौधरी ने बताया कि उक्त सम्बंधित अनुसंधान से लेकर केश की गुत्थी सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।