तालिमी मरकज शिक्षा सेवकों ने दिया धरना

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नवादा (पंकज कुमार सिन्हा): नवादा जिला के पूर्व चयनित वर्ष 2014, 15 एवं 16 के 32 महादलित टोला सेवक,  अल्पसंख्यक तालिमी मरकज शिक्षा सेवकों द्वारा पूर्व में घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तहत नवादा समाहरणालय के समीप स्थित रैन बसेरा में धरना दिया गया।  धरना के माध्यम से आंदोलन कारियों ने कहा कि बिहार सरकार ने जनहित में अति महत्वाकांक्षी अक्षर आंचल योजना चला कर जिला में 2014, 2015 , 2016 में उक्त केंद्रों पर विधिवत चयन किया।  परंतु तत्कालीन डीपीओ साक्षरता मिथिलेश कुमार सिन्हा ने जिले में समानांतर सरकार चला कर सिर्फ 2 दिनों का गैर आवासीय प्रशिक्षण के नाम पर नाजायज रुपया वसूली किया। रुपया यह कह कर मांगा कि ऊपर भी देना पड़ता है ।

मैनेज करना पड़ता है तब प्रशिक्षण का कार्यक्रम होगा।  आंदोलन कारियों ने बताया कि जब लोगों ने लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां न्याय के लिए दरवाजा खटखटाया तो शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आरके महाजन , निदेशक जन शिक्षा विभाग के डॉक्टर विनोदानंद झा का चेहरा सामने आ गया।  स्पष्ट रूप से प्रमाणित होता है कि तत्कालीन डीपीओ साक्षरता नवादा मिथिलेश कुमार एवं विनोदानंद झा,  आरके महाजन संयुक्त रूप से शिक्षित बेरोजगारों को दिनदहाड़े रोजगार दिलाने के नाम पर बंदर बांट कर रहे हैं । जिला स्तरीय शिक्षा विभाग साक्षरता के द्वारा निर्गत सरकारी पत्रों का सबूत है ।

उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।  धरना में शामिल लोगों ने अपील किया है कि हम सब ने दलित टोला सेवक,  तालीमी मरकज का काम करते हैं।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व जिला पार्षद एवं जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष जीवन लाल चंद्रवंशी ने कहा की लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी एवं अपीलीय प्राधिकार प्रमंडल गया माननीय उच्च न्यायालय का आदेश को नहीं  मानते हैं।  जिला प्रशासन न्याय के पक्ष में नहीं है ।  दुर्भाग्यपूर्ण है इस बात का है कि कानून खुल्लम-खुल्ला बेचा जा रहा है । सारे दोषी समानांतर कानून बनाकर न्याय को दबाकर सरकार विरोधी ताकत से हाथ मिलाए बैठे।  आरके महाजन,  विनोदानंद झा,  मिथिलेश कुमार सिन्हा दलितों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं ।

मानसिक यातना दिया जा रहा है और अधिकार से वंचित किया गया है।  यह दलित एवं अल्पसंख्यकों पर अत्याचार है।  इस साजिश से बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा।  जिला प्रशासन की सारी घटना कार्रवाई करें।  आंदोलनकारियों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। धरना में मोहम्मद रिजवान आलम, संगीता कुमारी , गीता कुमारी,  नाजिया परवीन, शवाना परवीन, नजरा परवीन,  जाहिदा खातून , आबदा तबस्सुम, जेबा परवीन , जेवा फिरदौस,  जीनत परवीन,  सिंधु कुमारी,  मोहम्मद इसराइल, असलम,  उमेश मांझी,  कौशल्या देवी , अशफाक आलम,  श्यामसुंदर राम , पंकज कुमार,  आलोक मांझी,  विकास कुमार ने अंतिम लड़ाई जिला मुख्यालय के समक्ष बाबासाहेब के चरणों में आत्मदाह करने की घोषणा कर डाली है ।