भाजपा के बिगड़े सुर : विजय सिन्हा ने कहा,जाति गणना के बहाने उन्माद फैला रहे नीतीश! मोदी बोले-हमने भी की है मदद!

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Patna/Hemant Kumar : दिल्ली की सत्ता पर काबिज भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार ने बिहार में जातीय जनगणना का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। तब बिहार की महागठबंधन सरकार ने अपने संसाधनों से दो चरणों में जातीय गणना कराने का फैसला लिया था। लेकिन उसका पहला चरण शनिवार,7 जनवरी से शुरू होते ही बिहार भाजपा के भीतर से अलग-अलग सुर फूटने लगे। नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा ने नीतीश पर जातीय उन्माद फैलाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा, जाति जनगणना कराने का श्रेय भाजपा को भी जाता है। विजय सिन्हा और‌ सुशील‌ मोदी के परस्पर विरोधी बयानों से लग रहा है कि बिहार में जातीय जनगणना को लेकर भाजपा के भीतर घमासान मचा है।

पढ़िए, विजय सिन्हा ने क्या कहा…
नीतीश कुमार लालू प्रसाद के रास्ते पर चल कर बिहार में जातीय उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बिहार में जिस तरह से शराबबंदी फेल हुई है, ठीक उसी तरह से जातीय जनगणना भी फेल होगी।

-आजादी के 75 साल बीत गये, लेकिन देश में किसी ने जातिगत जनगणना कराने की जरुरत नहीं समझी। केंद्र सरकार सभी तबका के लोगों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चला रही है।
-बापू, जेपी, लोहिया जैसे लोगों ने जातिविहीन समाज बनाने का सपना देखा था लेकिन आज उस रास्ते पर नहीं चलकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बिहार में जातिय उन्माद पैदा करने वाले लालू प्रसाद के रास्ते पर चल रहे हैं।
-जिस लालू प्रसाद ने बिहार में जातिय नरहसंहार कराया आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उसी राह पर आगे बढ़ गए हैं।
-जाति के नाम पर समाज को एक दूसरे से लड़ाने के लिए जातिगत जनगणना कराई जा रही है।
-हाथ जोड़कर बड़े और छोटे भाई से बिहार को बख्श देने की अपील करता हूं।
-दोनों भाइयों पिछले 32 साल में जाति जनगणना क्यों नहीं कराया!
-सत्ता के लिए फिर से राज्य में अशांति लाने की कोशिश कर रहे हैं।
-विजय सिन्हा ने कहा है कि बिहार के पांच करोड़ लोग जो राज्य से बाहर हैं उनकी भी जनगणना होनी चाहिए।

जातीय जनगणना पर सुशील कुमार मोदी का बयान
भाजपा हमेशा जातीय जनगणना के पक्ष में रही और 2 जून 2022 को बिहार में जातीय जनगणना कराने का कैबिनेट का फैसला भी उस सरकार का था, जिसमें दो उपमुख्यमंत्री भाजपा के थे। महागठबंधन को इसका श्रेय लूटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। मोदी ने कहा कि भाजपा ने विधान सभा और विधान परिषद में जातीय जनगणना का समर्थन किया। हमारी पार्टी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में भी शामिल थी। ये सारी बातें ऑन रिकार्ड हैं। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना कराने का फैसला जिस एनडीए सरकार ने किया, उसमें तेजस्वी प्रसाद यादव डिप्टी सीएम नहीं थे।

-मोदी ने कहा कि वर्ष 2011 में जब सामाजिक, आर्थिक और जातीय आधार पर जनगणना कराने पर संसद में चर्चा हुई, तब भी भाजपा ने इस मांग का समर्थन किया था।
-उन्होंने कहा कि कर्नाटक और तेलंगाना के बाद बिहार तीसरा राज्य है, जहां भाजपा के समर्थन से जातीय जनगणना शुरू हो रही है।
-मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव बतायें कि जब जातीय जनगणना शुरू कराने का फैसला जून 2022 में हुआ था, तब यह काम सात महीने देर से जनवरी 2023 में क्यों शुरू कराया जा रहा है? श्रेय लेने वालों को इसका जवाब देना चाहिए ।
-उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव में अतिपिछड़ों को आरक्षण देने के लिए गठित विशेष आयोग की रिपोर्ट अब तक सार्वजानिक नहीं की गयी। क्या सरकार गारंटी देगी कि जातीय जनगणना की रिपोर्ट सार्वजानिक की जाएगी ?
-सुशील मोदी ने कहा कि जातीय जनगणना में लोगों से क्या-क्या सवाल पूछे जाएंगे और गणना की प्रकिया क्या होगी, इसकी जानकारी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को देने के लिए सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।