भाजपा के नंदकिशोर यादव होंगे बिहार विधानसभा के नये अध्यक्ष,पिछड़ा-अतिपिछड़ा चेहरा को आगे कर रही भाजपा

पटना

हेमंत कुमार/पटना: नंदकिशोर यादव होंगे बिहार विधानसभा के नये अध्यक्ष! मंगलवार , 13 फरवरी को उनका नामांकन होगा! भाजपा में आर एस एस की पृष्ठभूमि वाले पूर्व मंत्री नंदकिशोर यादव का नाम उन नेताओं में गिना जाता है जिनके जरिए बिहार में पार्टी की पहचान बनी। नंदकिशोर 2020 में पटना पूर्वी से सातवीं बार विधायक चुने गये। हालांकि उस चुनाव में कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें जीत हासिल हुई थी। पथ निर्माण और स्वास्थ्य विभाग के मंत्री रहे नंदकिशोर को 2020 में मंत्री नहीं बनाया गया था।

उसके बाद कयास लगाया जा रहा था कि पार्टी में उन्हें हाशिए पर डाल दिया गया है। लेकिन इस बार विधानसभा अध्यक्ष के तौर पर उनका नाम सामने आते ही साफ हो गया उनका सितारा फिर से बुलंद होने जा रहा है।
नंदकिशोर को विधानसभा अध्यक्ष बनाये जाने के निर्णय के पीछे भाजपा की सोशल इंजीनियरिंग फैक्टर को महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है।

कुशवाहा बिरादरी से आने वाले सम्राट चौधरी उपमुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। मल्लाह बिरादरी के हरि सहनी विधान परिषद में पार्टी के नेता हैं। जबकि भूमिहार जाति के विजय सिन्हा उप मुख्यमंत्री और विधानसभा में पार्टी के नेता हैं।

अब यादव बिरादरी के नंदकिशोर को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा रहा है। कहार बिरादरी के डा भीम सिंह चंद्रवंशी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है । जबकि वैश्य समाज की धर्मशीला गुप्ता भी राज्यसभा जा रही हैं। इससे स्पष्ट है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पिछड़ा और अतिपिछड़ा समाज को अपनी ओर खींचने की रणनीति पर काम कर रहा है। नंदकिशोर यादव को विधानसभा अध्यक्ष बनाकर पार्टी राजद के यादव जनाधार को सकारात्मक संदेश देना चाह रही है।

बिहार में इस बार सरकार पलटने के बाद राजद के विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास का नोटिस नंदकिशोर यादव के जरिए ही दिलाया गया था। अवध बिहारी चौधरी यादव बिरादरी से आते हैं। उन्हें हटा कर उनकी जगह एक यादव को ही लाया जा रहा है।