पहले बहाने से बुलाया, फिर खिला-पिलाकर कर दी संजीव साव की हत्या

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पटना/अमित जायसवाल: राजधानी के अदालतगंज इलाके के रहने वाले संजीव साव की हत्या 20 फरवरी की रात में ही कर दी गई थी. इस बात की पुष्टि हो गई है. 24 फरवरी को संजीव की डेड बॉडी लावारिस हालत में छपरा के अकिलपुर थाना के तहत पाई गई थी. संजीव साव की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि राजेश कुमार नाम के उस शख्स ने की जिसने बहाने से फुलवारी शरीफ के एफसीआई गोदाम के पास वहां खाने-पीने के लिए बुलाया था.

वर्तमान में संजीव शास्त्रीनगर थाना के तहत मछली गली में अपने ससुराल में रह रहा था. 20 फरवरी को राजेश के बुलावे पर वो सुबह 9 बजे अपने घर से निकला था. दोपहर बाद राजेश संजीव को अपने साथ रूपसपुर और दानापुर होते हुए अकिलपुर दियारा लेकर चला गया. वहां भी पहले खाने-पीने का दौर चला. इसके बाद राजेश ने संजीव का गला तेज धार वाले चाकू से काट दिया. फिर पेट पर भी चाकू से वार किया. इसके बाद ही संजीव साव की मौत हो गई.

इस हत्या में राजेश का साथ ऑटो चलाने वाले मनोज कुमार, अमन पासवान, पिंटू पासवान और तिरजू पासवान ने दिया. इन सभी को शास्त्री नगर के थानेदार निहार भूषण और उनकी टीम ने गिरफ्तार कर लिया है. इनकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने उस चाकू को भी बरामद कर लिया है, जिससे संजीव की हत्या की गई थी. इसके अलावे संजीव की बाइक और हत्या के लिए इस्तेमाल की गई मनोज की बाइक को भी बरामद किया गया है.

 
— रुपए नहीं लौटा रहा था राजेश

पटना पुलिस के अनुसार अपराधियों ने 20 फरवरी की शाम 7 बजे से पहले ही संजीव की हत्या कर दी थी. दरअसल, संजीव के लापता होने के कारण उसकी वाइफ रूबी ने 22 फरवरी को शास्त्रीनगर थाना में उसकी बरामदगी के लिए एक कंप्लेन दर्ज कराया था. हत्या करने वाला राजेश काफी शातिर था. वो परिवार और पुलिस दोनों को एक साथ झांसा दे रहा था. उस पर किसी को शक न हो, इसलिए वो हर पल परिवार वालों के साथ रह रहा था. संजीव को खोजने का नाटक कर रहा था. लेकिन उसकी असलियत तब सामने आई, जब शक के आधार पर पुलिस टीम ने संजीव और राजेश का टावर लोकेशन खंगाला.

20 फरवरी को दोनों के एक साथ पाए गए. इसके बाद ही शातिर राजेश को पुलिस ने पकड़ा और फिर सारी असलियत सामने आ गई. असल में कैटरिंग का काम करने के साथ ही संजीव ब्याज पर रुपए भी लोगों को दिया करता था. ब्याज पर रुपए लेने के साथ ही राजेश ने बेउर में जमीन दिलाने के लिए संजीव से 6 लाख 40 हजार रुपए भी लिया था. जिसे वापस करने के लिए राजेश के उपर लगातार संजीव दबाव बना रहा था.