DGP की मंशा: देश में बिहार पुलिस को अव्वल बनाना हैं, नकारात्मक छवि को बदलना है

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पटना/अमित जायसवाल: डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय की मंशा है बिहार को अव्वल बनाने की. वो बिहार पुलिस की नकारात्मक छवि को बदलना चाहते हैं. मंगलवार को उन्होंने अपनी इस इच्छा को जाहिर कर दिया है. मौका था बिहार पुलिस वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का.

समारोह का आयोजन बीएमपी स्थित मिथिलेश स्टेडियम में किया गया. इस मौके पर डीजीपी ने कहा कि राज्य को भयमुक्त और अपराध मुक्त बनाने की कवायद की जा रही है.

अपराध के मामले बिहार देश में  22 वें नम्बर पर है. हाल में पुलिस ने कई बड़े कांडों का खुलासा किया है. कई गंभीर और चर्चित कांडों में तेजी से कार्रवाई की गई है और अपराधियों को सजा दिलाया गया. गवाह झूठ बोल सकता है, लेकिन वैज्ञानिक तरीके से तैयार की गई एफएसएल की रिपोर्ट गलत नहीं हो सकता है.  साइबर अपराध को रोकने के लिए प्रभावशाली तंत्र को डेवलप किया जा रहा है.

बिहार पुलिस अव्वल हो और इसकी नकारात्मक छवि को बदलने की जरूरत है. थाना से लेकर एसपी ऑफिस तक गरीब नागरिकों को सम्मान जनक तरीके से पेश आने की नसीहत दी. उन्होंने कहा कि गलत काम करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों पर पुलिस मुख्यालय नजर रख रहा है.  सिपाही हमारा अंग है और उनका सम्मान होना चाहिए.

ये बहुत कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं. बिहार पुलिस का मानवीय चेहरा देश के सामने आए. देश भर में बिहार पुलिस की जय, जय हो. हमारी पुलिस पर अपराधी गोली चलाएंगे तो जवाब पुलिस भी देगी और गोली चलाएगी.

इन्हें मिला सम्मान

पुरस्कार पाने वालों में कई बड़े नाम हैं. इनमें पटना सेंट्रल रेंज के डीआईजी राजेश कुमार और पटना के तत्कालीन एसएसपी व मुंगेर के डीआईजी मनु महारज भी शामिल हैं. डीआईजी राजेश कुमार को पटना में हुए एडवोकेट जितेंद्र कुमार की हत्या मामले में पुरस्कृत किया गया है. जबकि पटना के तत्कालीन एसएसपी मनु महाराज को राहुल कुमार, आर्यन कुमार, अनिल कुमार गुप्ता, राम जनम भगत, जेयाद आरिफ किडनैपिंग केस में सकुशल बरामद करने, एडवोकेट जितेंद्र कुमार, पूर्व आयुक्त दंपति हत्याकांड और अवर सचिव हत्या कांड के सफल खुलासे व अपराधियों ली गिरफ्तारी के लिए पुरस्कृत किया गया है.


हाल ही में मुजफ्फरपुर में मुथुत फाइनांस कंपनी में अपराधियों ने गोल्ड लूट कांड को अंजाम दिया था. इस कांड के सफल खुलासे और अपराधियों गिरफ्तार करने को लेकर मुजफ्फरपुर के एसएसपी मनोज कुमार और उनकी टीम को सम्मानित किया गया. पटना के पालीगंज में अपराधियों की मुठभेड़ हुई थी.

अपराधी जुमन खान सहित 11 अपराधियों को अरेस्ट किया गया था. इसके लिए पटना के एएसपी ऑपरेशन अनिल कुमार सिंह और पालीगंज के एसडीपीओ मनोज कुमार पांडेय सहित इनकी पूरी टीम को पुरस्कृत किया गया है. बांका के पूर्व SP चंदन कुशवाहा को भी सम्मानित किया गया है, फिलहाल वे होम गार्ड के कमांडेंट पद पर तैनात हैं। बांका एसपी रहते हुए उनके सराहनीय कार्यों के लिए उन्हें ये पुरस्कार दिया गया है।

आपको बता दें कि बिहार पुलिस वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह के मौके पर एक डीआईजी, 58 एसपी, 28 एएसपी, 2 एसडीपीओ, 49 डीएसपी, 90 इंस्पेक्टर, 290 एसआई, 29 एएसआई, 51 हवलदार, 1 सिपाही, 3 होमगार्ड जवान और सीआरपीएफ के 27 अधिकारी व जवान समेत कुल 1106 पुलिस कर्मियों को पुरस्कृत किया गया है.