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तो क्या आज टूट जाएगा महागठबंधन! जीतन राम मांझी ने बुला ली है राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक

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पटना (नियाज़ आलम) : लोकसभा चुनाव 2019 के तहत महागठबंधन में सीट शेयरिंग से पहले ही घटक दलों में वर्चस्व की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंचने लगी है। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने महागठबंधन पर दबाव बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए आज पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक भी बुलाई गई है। बैठक में इस बात पर चर्चा की जाएगी के पार्टी को मर्जी के मुताबिक सीट नहीं मिलने की स्थिति में आगे की रणनीति क्या होगी।

सम्मानजनक सीट नहीं मिलने की स्थिति में कार्यसमिति में पार्टी द्वारा महागठबंधन से अलग होकर भी चुनाव लड़ने पर सहमति बन सकती है। बता दें कि सीट शेयरिंग में अधिक से अधिक हिस्सेदारी को लेकर हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी लगातार प्रेशर पॉलिटिक्स कर रहे हैं। पहले उन्होंने महागठबंधन में हाल ही में शामिल हुए रालोसपा से अधिक सीट की मांग की और उसके बाद गठबंधन के दूसरे बड़े घटक दल कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

मांझी ने मीडिया से बातचीत करते हुए साफ कर दिया कि वह महागठबंधन में शामिल हुए नए दल यानी रालोसपा से किसी भी कीमत पर कम सीट नहीं बल्कि एक सीट ज्यादा ही लेंगे। इसी बीच उन्होंने कांग्रेस के जनाधार पर सवाल खड़े करते हुए भी कह दिया कि उन्हें कांग्रेस से भी ज्यादा सीटें चाहिए। मांझी ने साफ तौर पर कह दिया है कि अगर मांगे नहीं मानी गई तो उनके पास विकल्प खुला है।

20 लोकसभा सीटों पर हमारी तैयारी है और पार्टी 1 सीटों पर अकेले ही चुनाव लड़ लेगी। मांझी में कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी इसके लिए तैयार हैं। इससे पहले हम के जिला अध्यक्षों एवं प्रभारियों की बैठक के बाद मांझी ने मीडिया से बातचीत करते हुए यह इशारा दिया था। उन्होंने आज यानी 18 फरवरी को होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय कार्यसमिति के बाद अंतिम फैसला लिए जाने की बात कही थी।

गौरतलब है कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक आज सुबह 11 बजे मांझी के सरकारी आवास पर बुलाई गई है। यह बैठक वर्तमान राजनीतिक दृष्टिकोण पर चर्चा के साथ-साथ पार्टी संगठन को लेकर भी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल विरोधियों के साथ साथ महागठबंधन के घटक दलों की नजर भी हम की कार्यसमिति की बैठक पर है।

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