Patna: मुख्यमंत्री ने समाधान यात्रा के क्रम में सिवान जिले की जीविका दीदियों के साथ किया संवाद

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DESK :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज समाधान यात्रा के क्रम में सिवान जिले की जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। टाउन हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया। संवाद कार्यक्रम में जीविका समूह के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाली 5 जीविका दीदियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किये। सभी जीविका दीदियों ने जीविका समूह से जुड़ने के बाद अपने जीवन स्तर में हुए बदलाव को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान जीविका दीदी श्रीमती चंदा देवी ने बताया कि जीविका समूह से जुड़ने के बाद मेरे जीवन में काफी बदलाव आया है। तीन माह के अंदर बैंक में मेरा खाता खुला। उसके बाद 15 हजार रुपये का लोन मिला जिससे गाय खरीदी। उसके बाद जो आमदनी हुई उससे एक दुकान खोली। हमें 30-35 हजार रुपये की मासिक आमदनी हो रही है। मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी हुई है। शराबबंदी कानून के समर्थन में भी हमने समाज में नारा बुलंद किया है। शराब पीने वालों को हम जीविका दीदी पुलिस में फोन कर पकड़वाते हैं। मुख्यमंत्री जी को हम अपनी तरफ से बहुत धन्यवाद देते हैं। जीविका दीदी श्रीमती पुतुल देवी ने बताया कि वर्ष 2015 से जीविका समूह से जुड़ने के बाद मेरी पारिवारिक स्थिति में काफी बदलाव आया है।

पहले हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। पति मजदूरी करते थे। जीविका समूह से जुड़ने के बाद वन विभाग का काम मिला। 40 हजार रुपये का लोन लेकर नर्सरी का काम शुरू किया। इसकी आमदनी से हम कर्ज से मुक्त हुए और हमारी आमदनी बढ़ी। नर्सरी का काम शुरू करने से लोगों को इसका फल मिलेगा, साथ ही पर्यावरण भी ठीक रहेगा। मुख्यमंत्री नीतीश भईया को जल – जीवन – हरियाली अभियान के लिए बधाई देते हैं। जीविका दीदी श्रीमती अजमेरी खातून ने कहा कि मेरे पति दारू पीते थे और दारू पीकर हमारे साथ मारपीट करते थे। शराबबंदी के बाद मेरे परिवार का माहौल बदला है। सतत् जीविकोपार्जन योजना के लाभ से हमने किराने की दुकान खोली, चूड़ी भी बेचने लगी और सिलाई मशीन भी खरीदी। इससे हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी हुई। फिर चार बकरी खरीदी उससे हमें फायदा हुआ और अब मेरे पास 11 बकरियाँ हैं। महीने में हम लगभग 13 हजार रुपये कमा लेते हैं। हमारे बच्चे ठीक ढंग से पढ़ रहे हैं। हमारा घर बन गया है। हम बहुत खुश हैं। नीतीश भईया को सतत् जीविकोपार्जन योजना के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं। इससे बेसहारा को सहारा मिला है। हम जैसी महिलाओं को आवाज मिली है। परिवार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिली है।

जीविका दीदी श्रीमती शालिनी कुमारी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद हमारी आर्थिक और सामाजिक स्थिति में काफी सुधार आया है। हमने 50 हजार रुपये का लोन लेकर किराने की दुकान खोली। उससे हमारी प्रतिमाह 2 हजार रुपये की आमदनी हो रही है। आपने पोशाक योजना और साइकिल योजना चलाई। इस दौरान मैंने पढ़ाई करते हुए पहले इंटर किया और फिर ग्रेजुएशन की परीक्षा पास की साइकिल योजना और पोशाक योजना से मुझे काफी लाभ मिला। पोशाक योजना के चलते एक तरह के कपड़े में स्कूल में आने से सभी लड़कियों में समानता का भाव रहता है आपने शराबबंदी कानून लागू कर बहुत अच्छा काम किया है। इन सभी कार्यों के लिए हम आपके आभारी हैं। जीविका दीदी श्रीमती सुगनती देवी ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद समूह में स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी कई अच्छी और लाभदायक जानकारी मिली। साथ ही जैविक खाद बनाने के बारे में भी जानकारी मिली हमने अपने बागीचे में जैविक खाद का प्रयोग

किया है। नीतीश भईया को हम बहुत-बहुत धन्यवाद देते हैं। हमारे जीवन में काफी बदलाव आया है नारियों के जीवन में बदलाव आने से परिवार में बदलाव आ रहा है। इससे समाज में भी बदलाव आएगा और देश में भी बदलाव आएगा। संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान यात्रा के दौरान जीविका दीदियों के साथ मिलने और सुनने का मौका मिला है। मुझे इसके लिए बहुत खुशी हो रही है। हमारा उद्देश्य है कि सभी जगह घूमकर देखें, जो योजनाएं चलाई जा रही हैं। उसका लाभ लोगों को कितना मिल रहा है और क्या किए जाने की जरूरत है। लोगों की क्या समस्याएं हैं, उसको जानने निकले हैं और उसके समाधान के लिए अधिकारियों को कह रहे हैं। गांव भ्रमण के दौरान जीविका दीदियों से बात होती है वे अपनी कुछ समस्याएं भी बताती हैं। उसके समाधान के लिए हम अधिकारियों को कहते हैं लेकिन आप से जो संवाद हो रहा है उससे कई बातों की जानकारी और मुझे मिल रही है आपलोगों ने कई अच्छे कार्य किए हैं उससे आपके परिवार और समाज में जो बदलाव हो रहा है उसकी भी जानकारी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वर्ष 2006 में जीविका समूह का गठन किया। विश्व बैंक से कर्ज लिया और स्वयं सहायता समूह का नामकरण ‘जीविका’ किया। उस समय केंद्र सरकार के मंत्री ने आकर जीविका समूह के कामों को देखा और पूरे देश में इसका नामकरण ‘आजीविका के नाम से किया यानि जीविका पूरे देश में प्रचलित हो गया। जीविका से ही आजीविका बना है। इसको आपलोग याद रखिएगा। उन्होंने कहा कि जीविका समूह से एक करोड़ 30 लाख के लगभग महिलायें जुड़ गई हैं। 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ है। जीविका दीदियों की ट्रेनिंग का इंतजाम कराया गया। अभी संवाद के दौरान जीविका दीदियों ने बताया कि उन्हें इससे कितना फायदा हो रहा है। पहले महिलाएं बोल नहीं पाती थीं और अब कितने अच्छे ढंग से आगे बढ़कर अपनी बातें रख रही हैं और परिवार को भी आगे बढ़ा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 के जुलाई महीने में जीविका समूह की एक बैठक में महिलाओं की मांग पर ही शराबबंदी लागू की गई। जहरीली शराब पीने से कुछ लोगों की मौत हुई है। दारू पीना बुरी चीज है दारू पीयोगे तो मरोगे। सबको इस बात को समझना है आपलोग सभी लोगों को दारू नहीं पीने के लिए प्रेरित करें। शराबबंदी लागू होने के बाद जब हम निकले थे तो एक जगह महिला बता रही थी कि मेरे पति पहले शराब पीते थे तो घर का माहौल बहुत खराब रहता था। शराबबंदी के बाद अब वे काम करके आते हैं तो बाजार से सब्जी खरीदकर लाते हैं, मुस्कुराते हैं और घर में प्रेम और शांति का वातावरण रहता है। आप सभी गड़बड़ करने वाले लोगों को समझायें। शराब बुरी चीज है इसका सेवन न करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने महिलाओं के लिए काफी काम किया है। सभी पंचायतों में प्लस टू स्कूल खोले गये हैं। दहेज प्रथा खत्म होनी चाहिये। लड़के वालों को दहेज लेने का कोई औचित्य नहीं है, इसके लिये कानून बना हुआ है। समाज में लड़कियों और महिलाओं का काफी महत्व है आप सभी दहेज प्रथा के खिलाफ निरंतर अभियान चलाते रहिये। दहेज का लेन-देन करने वालों की शादी में शामिल मत होइये। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की उम्र में लड़की, जबकि 21 वर्ष की उम्र में लड़के की शादी होनी चाहिये। आप सभी अपने काम के साथ-साथ बाल विवाह के विरुद्ध अभियान भी चलाते रहिये। उन्होंने कहा कि एक सर्वे में यह बात सामने आई कि पति-पत्नी में यदि पत्नी मैट्रिक पास है तो देश में औसत प्रजनन दर 2 है और बिहार का भी 2 है। यदि पत्नी इंटर पास है तो देश का औसत प्रजनन दर 1.7 और बिहार का 1.6 है। पहले बिहार का औसत प्रजनन दर 43 था अब यह घटकर 2.9 पर पहुंच गया है। हमलोगों का लक्ष्य इसे 2 पर लाने का है। सरकारी विद्यालयों में ठीक ढंग से पढ़ाई हो, शिक्षक उपस्थित रहें, इस पर आप सभी नजर रखिये आप सभी अपने बच्चों को पढ़ायें। उन्होंने कहा कि लड़कियां पढ़ेंगी तो प्रजनन दर घटेगा। हमें पूरा भरोसा है कि आपके प्रयास और मेहनत से समाज में सुधार होगा, बच्चे शिक्षित होंगे। हमलोग आपलोगों को बढ़ाना चाहते हैं बिहार की महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहते हैं आपलोग अच्छे ढंग से काम कीजिए आपलोगों को आगे बढ़ाने के लिए हमसे जो भी संभव होगा हम करेंगे। नये वर्ष की आप सभी को शुभकामनाएं देते हैं।

जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सह सिवान जिले के प्रभारी मंत्री श्री आलोक कुमार मेहता, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान, विधान पार्षद श्री विनोद कुमार जायसवाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक श्री आर०एस० भट्टी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती सफीना एन०, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री बाला मुरुगन डी०, आयुक्त सारण प्रमंडल श्रीमती पूनम, पुलिस उपमहानिरीक्षक सारण रेंज श्री विकास कुमार, जिलाधिकारी सीवान श्री अमित कुमार पांडे, पुलिस अधीक्षक सीवान, श्री शैलेश कुमार सिन्हा सहित अन्य वरीय अधिकारीगण उपस्थित थे।