बेगूसराय : लोकसभा चुनाव की गहमागहमी तेज, जिले के बेटे को ही संसद तक पहुंचाने की आवाज बुलंद

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पटना (नियाज आलम) लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की भूमि बेगुसराय से एक ही आवाज बुलंद हो रही है। हर खास और आम की यही चाहत है कि बेगूसराय का बेटा ही जिले का सांसद बनकर दिल्ली में देश की संसद तक पहुंचे और क्षेत्र की आवाज बने।

खास बात यह है कि बुद्धिजीवियों की इस जमीन से महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर जेएनयू के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार का नाम लगभग तय माना जा रहा है, वहीं एनडीए को एक अदद ऐसे दावेदार की तलाश है, जो महागठबंधन के कवच को भेद सके। हालांकि एनडीए की ये तलाश कमोबेश पूरी भी हो चुकी है, केवल आधिकारिक घोषणा का इंतेजार है।

वैसे तो रेस में कई नेए, पुराने नेता है, लेकिन एक नाम विशेष तौर पर लोगों की जुबान पर है। जी हां, हम बात कर रहे हैं बेगूसराय के बेटे और नीतीश सरकार के पूर्व मंत्री जमशेद अशरफ की। जमशेद अशरफ को जिले के सभी क्षेत्रों के लोगों का समर्थन और आशीर्वाद मिल रहा है। यह बात हम नहीं बल्कि खुद क्षेत्र के विभिन्न तबकों और समुदाय के लोग कह रहे हैं।

जिले का सांसद कैसा होना चाहिए, इस सवाल के जवाब में पचंबा निवासी पप्पू सिंह सीधे तौर पर पूर्व मंत्री जमशेद अशरफ का नाम लेते हैं। नवला डीह निवासी राकेश सिंह भी पप्पू सिंह की ही बात दोहराते हैं। मदारपुर निवासी बब्लू सिंह के मुताबिक पूर्व मंत्री जमशेद अशरफ में जिले का सांसद बनने की सारी खूबियां हैं।

हरदिया निवासी अशोक सिंह कहते हैं कि जमशेद अशरफ समाज के सभी वर्ग को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। उनकी यही विशेषता महागठबंधन के जातीय समीकरण को धवस्त करने में रामबाण साबित हो सकती है।  

इनके अलावा कटहरी निवासी मंजूर आलम, हुसैना निवासी फिरोज आलम और लखमिनिया निवासी मोहम्मद शबाब सहित समाज के अन्य लोग पूर्व मंत्री द्वारा आयोजित किए गए मुस्लिम बेदारी यात्रा को याद करते हुए बताते हैं कि जमशेद अशरफ ही कौम के असली रहनुमा का किरदार अदा करते आए हैं। लिहाजा पहले की तरह ही आगे भी उन्हें अल्पसंख्यक समाज का भरपूर समर्थन मिलता रहेगा।

इतनी ही नहीं, महिला वर्ग में भी जमशेद अशरफ का नाम उम्मीदवारों की फेहरिस्त में सबसे ऊपर है। डुमरी निवासी सावित्री देवी की बात करें तो उन्हें बेगूसराय के ससंद के तौर पर पूर्व मंत्री जमशेद अशरफ सबसे सटीक उम्मीदवार नजर आते हैं। वहीं बरौनी निवासी मधुलता भी पूर्व मंत्री की बेहतरीन छवि और समाज के सभी वर्ग के प्रति उनके लगाव की बात करते हुए जमशेद अशरफ को ही सबसे योग्य उम्मीदवार करार देती हैं।