कृषि एलायड क्षेत्र में युवाओं को उपलब्ध कराये रोजगार: डीएम

बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा: पश्चिम चम्पारण जिला के डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि जिला को कृषि एलायड क्षेत्र यथा-कृषि, मत्स्य, हैचरी, डेयरी, पोल्ट्री, हर्बल प्लांटेशन आदि के क्षेत्रों में बेहतर बनाने की दिशा में संबंधित पदाधिकारियों को तत्परतापूर्वक कार्य करना अतिआवश्यक है। जिससे सर्वाधिक लोगों को इसी जिला में रोजगार उपलब्ध करायी जा सके। उन्होंने कहा कि धीमी प्रगति, लापरवाही एवं कोताही बरतने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित है। उन्होंने कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में पदाधिकारियों को निदेशित करते हुए उपर्युक्त विचार व्यक्त किया।



इस अवसर पर विजय प्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। डीएम ने कहा कि जिला के किसानों को खेतों में धान, गेहूं, गन्ना के अतिरिक्त अन्य उत्पादन जैसे फिशरिज, मधुमक्खी पालन, मशरूम, मखाना, लेमन ग्रास, खस, केले के पौधे से बनने वाले विभिन्न प्रोडक्ट की भी पैदावार करने के लिए जागरूक एवं प्रेरित करने की आवश्यकता है। परंपरागत खेती प्रणाली के अलावे समेकित कृषि प्रणाली से एक ओर जहां किसानों की आमदनी बढ़ेगी, उन्हें रोजगार मिलेगा वहीं जिला का भी विकास होगा। उन्होंने कहा कि जिला मत्स्य पालन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए कारगर कदम उठाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करके जिला को सिर्फ सेल्फ डिपेंटेंड ही नहीं बनाना है अपितु अन्य राज्यों में भी भेजना है। फिशरिज के क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अन्य संभावनाओं की तलाश भी की जाय। इसके लिए जिला मत्स्य पदाधिकारी को निदेश दिया कि जिला में मछली की मांग, उत्पादकता तथा आपूर्ति से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाय। चौर(चँवर) का विकास युद्धस्तर पर करने के लिए अग्रेत्तर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निदेश जिला मत्स्य पदाधिकारी को दिया।

समीक्षा के क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया गया कि कृषि एलायड क्षेत्रों में टेक्नोलाॅजी, साॅफ्टवेयर, एप के माध्यम से बेहतर कार्य करने वाले ऊर्जावान किसानों के साथ 24 फरवरी 2021 को समाहरणालय सभाकक्ष में पूर्वाह्न 11.00 बजे एक समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया है। जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को जिला में जिलास्तर, अनुमंडलस्तर एवं प्रखंडस्तर पर कृषि मेला का आयोजन करने के लिए अग्रेत्तर कार्रवाई करने का निदेश दिया। सभी संबंधित पदाधिकारियों को किये जा रहे कार्यों का अच्छे तरीके से डाॅक्यूमेंटेशन करने को कहा गया है।