Follow Up: NSCN का कैप्टन निकला AK-47 सप्लाई का किंगपिन

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पूर्णिया(राजेश कुमार झा): Beforeprint.in का सबसे बड़ा खुलासा 100 करोड़ से उपर का कारोबार है मुकेश और संतोष का.कई नक्सली संगठनों के रुपये लगे है इस कारोबार में.इस घटना से देश की कई सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए है.पूर्णिया जिले से सटे सभी सीमाओं को खुफिया एजंसियों ने अपने हाथों में ले लिया है.मुकेश और संतोष का पकड़ा जाना पुलिस के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी.बताते चलें कि बिहार का सबसे कुख्यात तस्कर मुकेश और संतोष दोनों बचपन से मणिपुर में ही रहते थे.दोनों की पढ़ाई-लिखाई मणिपुर में ही हुई थी.

मुकेश और संतोष दोनों नागालैंड में परिवहन विभाग से सांठ-गांठ कर डुप्लीकेट परमिट बेचने का काम करता था.उसी दरमियान उन दोनों की पहचान नगा उग्रवादी संगठन नेशनल काउंसिल ऑफ नगालैंड (NSCN) के कैप्टन से हुआ.उसी ने दोनों को बिहार के कुछ नक्सलियों से सम्पर्क करवाया.उसके बाद शुरू हुई हथियारों की तस्करी का सिलसिला.नक्सलियों ने मुकेश और संतोष को हथियार लाने के लिए रुपये दिए.उस वक्त मुकेश और संतोष नक्सलियों और NSCN के बीच ब्रोकर का काम करता था.उसके बाद दोनों के पास काफी रुपये हो गए.

तब दोनों ने बिहार के साथ कई राज्यों के नक्सली संगठनों से सम्पर्क कर उनके लिए NSCN से हथियार खरीद कर कई नक्सली संगठनों को बेचना शुरू किया.सूत्रों के मुताबिक इस धंधे में इन दोनों की इतनी पैठ बन गई कि इस कारोबार में और कई लोगों को शामिल कर एक सिंडिकेट बना लिया.जिसके बाद इन दोनों का कारोबार 100 करोड़ से भी अधिक हो गया.सूत्रों के मुताबिक इन दोनों ने देश के कई राज्यों के नक्सली संगठनों को हथियार सप्लाई करने लगा.पूर्णिया में गिरफ्तार तस्करों ने बताया कि एक ट्रिप में 50 लाख रुपये तक का हथियार और गोली का कारोबार होता है.फिलहाल पुलिस अभी और पूछताछ कर रही है.पुलिस अधीक्षक विशाल शर्मा ने बताया कि ये नेशनल सिक्युरिटी का मामला है इसलिए अभी इनसे और पूछताछ होगी।