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विदेशी फंडिंग से चल रहे सीमांचल के सभी मदरसों की जांच करेगी सरकार

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राजेश कुमार झा
पूर्णिया:-
पूर्णिया पूर्व प्रखंड के रानीपतरा फसिया में हाजी मंसूर आलम,नुरुल हक एवं मो0 खलील द्वारा संचालित तंजीमुल इस्लाम मदरसे को मिली विदेशी फंडिंग का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीमांचल में विदेशी फंडिंग से चल रहे मदरसे की सरकार जांच कर सकती है।

बताते चलें कि हाजी मंसूर आलम,नुरुल हक एवं मो0 खलील ने पूर्णिया जिलापदाधिकारी को लिखित शिकायत की थी कि पूर्णिया पूर्व प्रखंड के रानीपतरा के फसिया में मो0 रफीक द्वारा फैजुल उलूम नाम के मदरसे को फर्जी तरीके से चलाया जा रहा है। मीडिया में इस खबर के छपने के बाद जिला प्रशासन ने इसकी जांच करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आदेश जारी कर रिपोर्ट देने को कहा गया लेकिन मामला तब तूल पकड़ने लगा जब जिलापदाधिकारी को इस बात की जानकारी मिली कि रानीपतरा के फसिया में विदेशी फंडिंग से तंजीमुल इस्लाम नाम का मदरसा चल रहा है।

इसके बाद जिला प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग हाई अलर्ट हो गया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार अब उन सभी मदरसे की जांच कर सकती है,जी विदेशी फंडिंग से चल रहा है। बताते चलें कि विदेशी फंडिंग की बात सामने आते ही तंजीमुल इस्लाम मदरसा में लगा पत्थर का बोर्ड रातोंरात हटवा दिया गया।

अब ये तो जांच का विषय है कि तंजीमुल इस्लाम मदरसे के सचिव हाजी मंसूर आलम ने किस मकसद से रातोंरात उस बोर्ड को हटवा दिया। दूसरी तरफ प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने अपने जांच में ये स्प्ष्ट कर दिया कि फैजुल इस्लाम मदरसा को 2016 में मान्यता दी गई है। फैजुल इस्लाम मदरसा के सचिव मो0 रफीक ने कहा कि 2016 में मेरे मदरसे को मदरसा बोर्ड से मान्यता दी गई है और मेरे मदरसे में 300 से अधिक बच्चे और 6 शिक्षक है। हम लोग चंदा से मदरसा चला रहे है और बच्चों को तालीम दे रहे है। फिर मेरे मदरसे को क्यों फर्जी बताया गया,ये मेरी समझ से परे है।

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