पूर्णिया : लोजपा नेता की हत्या में बड़ा खुलासा, शहर के एक नामी जमीन ब्रोकर के साथ अनिल की महिला मित्र ने मिलकर रची थी हत्या की पूरी साजिश

-महिला मित्र ने फोन कर बुलाया था अनिल को
-सुरक्षा के साथ चलने वाला अनिल,बिना सुरक्षा के क्यों गया
-अनिल और महिला मित्र के साथ क्या सम्बंध थे
-अपहरणकर्ताओं ने 10 लाख रुपया क्यों लिया
-कौन है अंकित यादव


पूर्णिया(राजेश कुमार झा) : इस वक्त की बड़ी खबर,तीन दिन पहले अपहृत हुए लोजपा नेता अनिल उरांव की अपहरणकर्ताओं ने फिरौती की 10 लाख रुपये रकम लेने के बाद भी हत्या कर दी.हत्या की खबर से आक्रोशित समर्थकों ने पूरा शहर जाम कर आगजनी शुरू कर दी.आक्रोशित समर्थकों ने समाहरणालय में घुसकर तोड़-फोड़ कर पुलिस गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया.आक्रोशित समर्थकों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया.बताते चलें कि गुरुवार को पुर्णिया जिला मुख्यालय से अपहृत लोजपा नेता अनिल उरांव का शव पुलिस ने रविवार की सुबह के0 नगर थाना क्षेत्र के झुन्नी इस्तम्बरार पंचायत के डंगरहा से बरामद किया.

शव मिलने की खबर जब फैली तो आक्रोशित लोग गिरजा चौक,फोर्ड कंपनी चौक,आर एन शाह चौक को जाम कर दिया और आगजनी कर विरोध प्रदर्शन आरम्भ कर दिया.वहीं आक्रोशित महिलाओं ने समाहरणालय परिसर में खड़ी एक पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया और दुकानों में भी तोड़फोड़ किया. लोगों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की शिथिलता की वजह से अनिल की जान चली गई.हैरानी की बात यह है कि शुक्रवार को परिजनों ने अपहर्ताओं द्वारा मांगी गई फिरौती 10 लाख रुपये भी अदा कर दिया था.लेकिन इस दौरान पुलिस का वैज्ञानिक अनुसंधान भी अनिल के काम नही आ सका.

मिली जानकारी अनुसार इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है,जबकि एक महिला को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.सूत्रों की माने तो जमीन ब्रोकरिंग में हत्या को अंजाम दिया गया है.शहर के एक बड़े जमीन ब्रोकर का भी नाम सामने आने की बात कही जा रही है.सूत्रों के मुताबिक अनिल के साथ किसी बड़ी जमीन की डील करने की बात भी सामने आ रही है.फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच शुरू कर दी है.पुलिस अधीक्षक दयाशंकर ने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच-पड़ताल कर रही है.हत्यारे कोई भी हो उसे बख्सा नही जाएगा.