पूर्णिया : हमलोग FIR करते है लेकिन पुलिस गिरफ्तार नहीं करते, सिविल सर्जन ने पुलिस पर लगाए गम्भीर आरोप

पूर्णिया(राजेश कुमार झा) : पैथोलॉजी संचालक की हत्या के बाद जिले का स्वास्थ्य विभाग अपना एक अलग ही रोना रो रहा है.बताते चलें कि जिले में फर्जी पैथोलॉजी को लेकर कई मामले थाने में दर्ज है.लेकिन सब ढाक के तीन पात नजर आ रहे है.लेकिन कल हुई हत्या ने फर्जी पैथोलॉजी की पूरी पोल खोल कर रख दी है.

इस मामले को लेकर पूर्णिया सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ0 उमेश शर्मा ने बिफोरप्रिन्ट से बातचीत बताया कि स्वास्थ्य विभाग कि टीम ने फर्जी पैथोलॉजी को लेकर कई बार जिले में औचक निरीक्षण किये.कई फर्जी पैथोलॉजी पर एफआईआर भी दर्ज करवाया गया.लेकिन पुलिस अभी तक एफआईआर पर कोई भी करवाई नही की.सिविल सर्जन ने कहा कि अगर पुलिस किसी पर करवाई करती तो फर्जी पैथोलॉजी चलाने वाले इतना दुस्साहस नही करते.

बताते चलें कि जिले के सभी 14 प्रखंडों में फर्जी पैथोलॉजी की बाढ़ है.जो दलाल और डॉक्टर के सहारे फल-फूल चल रहा है.आज इरशाद की हत्या की सबसे बड़ी वजह भी यही है.इस मामले को लेकर भवानीपुर पीएचसी प्रभारी डॉ0 नवीन उपरोझिया बताते है कि प्रथम दृष्टया से तो फर्जी पैथोलॉजी और फर्जी डॉक्टर का मामला लग रहा है.क्योंकि कोई भी सही पैथोलॉजी और सही डॉक्टर होंगे तो अपना नाम का बोर्ड जरूर लगवाएंगे.

इन लोगों के नाम का बोर्ड भवानीपुर में कहीं भी हमलोगों की नजर में नही आया है.लेकिन बिफोरप्रिन्ट की जांच पड़ताल में डॉ0 अर्चना सिंह का बैनर भवानीपुर में हर जगह लगा हुआ मिला.इस मामले में एसडीपीओ धमदाहा रमेश कुमार ने बताया कि ये पूरा मामला पैसे के लेन देन का है.डॉ0 अर्चना सिंह और हर्ष सिंह भवानीपुर से अपना क्लिनिक बंद कर बी0 कोठी में अपना नया क्लिनिक खोलने जा रहे थे.

इसी दरमियान पैथोलॉजी संचालक मो0 इरशाद को पता चला कि डॉ0 अर्चना सिंह और हर्ष सिंह भवानीपुर से क्लिनिक बंद कर बी0 कोठी जा रहे है तो उसे रोकने के लिये पहुंच गए.इसी दरमियान दोनों में पैसे को लेकर काफी कहासुनी हुई तो हर्ष ने पास में रखे चाकू से मो0 इरशाद पर हमला कर दिया.इधर डॉ0 अर्चना बताती है कि हमलोग जब से भवानीपुर में क्लिनिक खोले है तभी से पैथोलॉजी वाले ने मुझे एक भी रुपया नही दिया था.फिलहाल हत्यारा हर्ष जेल जा चुका है.