सवर्ण आरक्षण पर राजद का पोस्टर वार- PM के हाथों में दी ‘सामाजिक अन्याय’ की तराजू

0
294

पटना (नियाज आलम) सवर्ण आरक्षण को लेकर अपने विरोध का राजद ने अब एक नए पोस्टर में उतारा है। दरअसल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के श्रम कल्याण मैदान, बिहार शरीफ, नालंदा में सोमवार को प्रस्तावित बेरोजगी हटाओ-आरक्षण बढ़ाओ रैली को लेकर युवा राजद की नालंदा इकाई ने राजद प्रदेश कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया है।

इस पोस्टर में सवर्णआरक्षण को विरोध करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा पर बड़ा हमला किया गया है। पोस्टर में एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों में सामाजिक अन्याय लिखी तराजू दी गई है। इसके एक पलड़े पर 15 प्रतिशत सवर्णों को तो दूसरे पलड़े पर 85 प्रतिशत बहुजनों को दिखाया गया है।

इतना ही नहीं इसमें 85 प्रतिशत बहुजनों वाले पलड़े को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सिर पर जबकि 15 प्रतिशत सवर्ण वाले पलड़े को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, नीतीश सरकार में भाजपा कोटे के डिप्टी सीएम सुशील मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के सिर पर दिखाया गया है।

पोस्टर में बहुजन वाला पलड़ा उपर जबकि सवर्ण वाला पलड़ा तोड़ा नीचे पेश किया गया है। साथ ही तेजस्वी को ये कहते हुए दिखाया गया है कि आरक्षण बढ़वाकर ही दम लेंगे। इसके साथ ही राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को यह बोलते हुए दिकाया गया है कि देखअ लोगों, यही है चौकीदार का न्याय। तराजू के सवर्ण आरक्षण वाले पलड़े को बिहार में एनडीए के सहयोगी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केन्द्रीय मंत्री राम विलास पासवान को भी सहारा देते प्रस्तुत किया गया है।

राजद के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा है कि, ‘उच्च शिक्षा में 13 प्वाइंट रोस्टर के बाद अब मनुवादियों ने रेलवे भर्ती परीक्षा मे भी 13 प्वाइंट रोस्टर लागू कर दलितों और पिछड़ो का आरक्षण समाप्त कर दिया है।नीतीश और रामबिलास जैसे जयचंद RSS के ब्राह्मणवाद की पालकी ढो रहे है।तेजस्वी बहुजनों की लड़ाई लड़ रहे है। अभी नही तो कभी नहीं ‘

कुल मिलाकर पोस्टर के माध्यम से सवर्ण आरक्षण को लेकर केन्द्र समेत राज्य की एनडीए सरकार पर बड़ा हमला करने की कोशिश की गई है।

बता दें कि राजद संसद से लेकर सड़क तक लगातार सवर्ण आरक्षण का विरोध कर रहा है। इस मामले में राजद बिहार में महागठबंधन के सहयोगी दलों से भी अलग-थलग पड़ चुका है।

हालांकि इन सबके बावजूद पार्टी अपने स्टैंड पर कायम है। इस मामले को लेकर ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बेरोजगारी हटाओ-आरक्षण बढ़ाओ यात्रा की भी शुरुआत की है।