सहरसा: महिला वकील से दुर्व्यवहार के विरोध में प्रदर्शन

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सहरसा/प्रतिनिधि: महिलाओं में आयी जागरूकता का नजारा शुक्रवार को शहर में दिखने को मिला। ऐसा पहली बार हुआ जब इतनी अधिक संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतरी। जानकर सभी हैरान हो जायेंगे की चौखट से बाहर निकली ये महिलाएं किसी पोलिटिकल पार्टी के लिए नही बल्कि अपनी अस्मिता और आबरू पर हो छीटाकशी पर रोक लगाने के लिये था। कोसी प्रमंडलीय संघर्ष समिति के बैनर तले सड़कों पर उतरी सैकड़ों महिलाएं सिविल कोर्ट की अधिवक्ता संगीता सिंह के साथ हुए दुर्व्यवहार का प्रतिकार कर रही थी।

स्टेडियम के बाहरी हिस्से में धरना पर बैठी महिलाओं ने एक स्वर से प्रशासन से मांग की कि दुर्व्यवहार करने वाले अधिवक्ता सुदेश कुमार सिंह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये ताकि भविष्य में फिर इस तरह महिलाओं को सड़क पर उतरना नही पड़े। सुदेश कुमार सिंह सदर थाना के मानस नगर वार्ड नम्बर 32 के निवासी है। धरना स्थल पर गर्जना समाप्त करने के बाद महिलाओं ने जत्था बनाकर समाहरणालय के गेट पर भी प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया।

डीएम की अनुपस्थिति में महिलाओं ने अपना ज्ञापन ओएसडी और सदर एसडीओ को दिया। ज्ञापन में महिलाओं पर हो रहे आबरू हिंसा रोकने के साथ कोर्ट परिसर में महिला एडवोकेट के बैठने के लिये अलग कमरा होने के अलावे उसमे सीसीटीवी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गयी है । धरना से लेकर प्रदर्शन का नेतृत्व आरापट्टी पंचायत की सुशिक्षित मुखिया शांति कुमारी चौधरी कर रही थीं।

इसके अलावे इतनी सशक्त महिला प्रदर्शन में संघर्ष समिति की गुंजन कुमारी, अंजना सिंह, मधु यादव,निशा पांडेय,स्मिता सिन्हा, शशि देवी, अनिता देवी,रिंकी देवी,बबीता देवी,शैल कुमारी,पार्वती कुमारी,राधा देवी,शिखा देवी,उषा देवी,सीता देवी,रेणु जायसवाल और भारती देवी शामिल थीं। शहर के लोगों का कहना है कि आजतक किसी पोलिटिकल पार्टी के कार्यक्रम में भी इतनी अधिक संख्या में महिलाओं का ऐसा हुजूम नही देखा था।