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सदर DSP ने गरीब बच्चों संग केक काटकर मनाया जन्मदिन

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सहरसा/प्रतिनिधि: अमूमन वर्दी वालों को रौब वालों के रूप में देखा जाता है। चाहे वो जवान हो या फिर पदाधिकारी। सड़क चलते हों या फिर कोई सरकारी या निजी समारोह। वर्दी का रौब अलग ही दिखने लगता है। इससे विभाग की जगहंसाई भी होती है। मगर सारे वर्दी वाले एक जैसे नहीं होते है। अतीत से लेकर वर्तमान तक मे कई ऐसे वर्दी वाले जवान या अधिकारी दिखे है जिन्होंने अपनी सादगी से समाज पर छाप छोड़ दी है। अब ताजा उदाहरण सहरसा के सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी हैं जिन्होंने अपना सैंतीसवां जन्मदिन इस तरह मनाया की लोग उसे जल्दी भूल नहीं पायेंगे।

चाहते तो किसी बड़े होटल या पार्क में धूमधाम और आतिशबाजी के साथ जन्मदिन का केक काटते। मगर उन्होंने ऐसा न कर स्टेशन पर जन्मदिन का केक काटा और गरीब एवं निसहाय बच्चों को अपने हाथों से खाना खिलाया। काफी संख्यां में टॉफियां बांटी। बच्चों को जब पता चला की ये टॉफियां और स्वादिष्ट व्यंजन डीएसपी साहब ने अपने जन्मदिन पर बांटे है तो सारे आश्चर्यचकित हो गये। ऐसा पहली बार हुआ था। स्टेशन पर रहने और भटकने वाले लोगों का कहना था यह पहला मौका है जब कोई जन्मदिन पर खाना खिलाने से लेकर टॉफी दे रहे हैं।

मूलरूप से भभुआ जिले के रहने वाले एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी की छवि कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी के रूप में है। शिक्षक से पुलिस अधिकारी बने प्रभाकर तिवारी को शराब माफियाओं का कट्टर दुश्मन माना जाता है। इसलिये अपने सहरसा पदस्थापन के कार्यकाल में इन्होंने अब तक हजारों लीटर शराब बरामद की है। वो भी खुद अपने सूचना तंत्र के सहारे। एसडीपीओ के इस सादगी  भरे जन्मदिन के जश्न में रेल थाना प्रभारी, रेलवे पदाधिकारी के अलावे रोटी बैंक के सारे सदस्य मौजूद  थे।

एसडीपीओ ने रोटी बैंक के सदस्यों की इस बात को लेकर काफी तारीफ की कि उनका यह कार्य समाज को आईना दिखाने के समान है। करीब एक घंटे से अधिक समय तक स्टेशन पर रहकर और अपने हाथों से लोगों को खाना खिलाकर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने पुलिस महकमे के प्रति लोगों की बन चुकी नकारात्मक धारणा पर सोचने को जरूर विवश कर दिया।

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