रीगा में किसान संगठनों ने भरी हुंकार ,शहीद किसान नेताओं को दी श्रद्धांजलि

सीतामढ़ी/रविशंकर सिंंह : रीगा में शहीद दिवस के अवसर पर ईंखोत्पादक संघ के बैनर तले आज रविवार को सुरेंद्र, रफीक स्मारक पर सैकड़ों किसानों ने फूल माला चढाकर श्रद्धांजलि अर्पित की ।साथ में गाया “शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशा होगा”।इस अवसर शहादत की गाथा सुनाकर उनसे प्रेरित होने को कहा।



उल्लेखनीय है कि 39 साल पहले 27 दिसंबर 1981 को किसान आंदोलन के दौरान गोलीकांड में सुरेंद्र और रफीक मारे गए थे।आधा दर्जन किसान घायल हुए थे।इसके पूर्व किसान भवन में संघ के सक्रिय कार्यकर्ताओं की लंबी बैठक संघ के अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में हुई।बैठक में सर्वसम्मति प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि हर हाल में मिल को चालू किया जाए ।

ताकि खेतों में लगा 1500000 कुंतल गन्ने की समय पर पेराई हो सके। इसके साथ ही ईंख मूल्य का बकाया ₹60 करोड़ और केसीसी का कर्ज ₹65 करोड़ चुकता करने पर भी जोर दिया गया।मांग की गई कि हर हाल में मिल प्रबंधन 5 जनवरी तक मिल का पेराई सत्र शुरू करें ।या फिर सरकार अपना प्रशासक नियुक्त कर मिल को चालू करावे।

ऐसा नहीं किए जाने पर मजबूरन किसान 7 जनवरी से आंदोलनत्मक कार्रवाई शुरू करेगा।रीगा के चौराहे पर 7 जनवरी से मकर संक्रांति के दिन तक धरना, प्रदर्शन, अनशन का कार्यक्रम चलेगा।संघ के नेताओं ने उम्मीद जताई है कि इस समस्या का समाधान निकलेगा। और मिल जल्द हीं चालू होगा।अगर फिर भी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति में मिल चालू नहीं हो सका, तो 15 जनवरी से आंदोलन को धारदार बनाया जाएगा।

बैठक में विचार व्यक्त करने वालों में लखन देव ठाकुर, गुणानंद चौधरी, अनूठा लाल पंडित, अवधेश कुमार शर्मा राम सुरेश सिंह मदन मोहन ठाकुर ठाकुर,डा. ब्रजेश कुमार शर्मा, रामनरेश सिंह ,अशोक ठाकुर, विश्वनाथ बुंदेला ,राम विवेक सिंह ,उमेश प्रसाद सिंह, रामबाबू गुप्ता, हरिराम पटेल, रमाशंकर पटेल शशी रंजन ,सुरेंद्र हाथी ,राम नरेश यादव, मदन राय प्रमुख थे।