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सीतामढ़ी: पूर्व विधायक के परिजनों ने भारत-नेपाल सीमा सड़क पर ठोका दावा, कस्टम बैरियर निर्माण पर रोक

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सोनबरसा,सीतामढ़ी/(मुकुंद कुमार अग्रवाल): भारत-नेपाल सीमा का हनुमान मंदिर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत को नेपाल से जोड़ने वाली सड़क पर पूर्व विधायक स्व. सीताराम महतो के परिजनों ने अपना दावा ठोंक कर हलचल मचा दिया है। सिर्फ यही नही, परिजनों ने कस्टम को चेक पोस्ट बैरियर पर ओवर हेड  गैन्ट्री साइन बोर्ड निर्माण करने पर रोक लगा दिया है। परिजनों ने उक्त सड़क की जमीन पर अपना दावा ठोकते हुए मुआवजे की मांग की है और कहा है कि मुआवजा नही देना है तो सड़क वाली जमीन को खाली करदे कस्टम। पूर्व विधायक के परिजनों के द्वारा दावा ठोके जाने पर सोनबरसा कस्टम सुपरिटेंडेंट अखिलेश कुमार ने अंचलाधिकारी को पत्र देकर मामले की जांच कर सही तस्वीर सामने लाने की गुहार लगायी है। मालूम हो कि,सोनबरसा के हनुमान चौक स्थित भारत-नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 326/32 के पास वर्ष 2002 में एसएसबी का चेक पोस्ट लगा था.

वहीं पर हनुमान मंदिर का निर्माण भी हुआ था, और कस्टम के कर्मचारी भी पहले यदा-कदा वहां जाते थे, परन्तु कुछ वर्ष पहले इसी पिलर के निकट कस्टम का चेकपोस्ट भी बना है, वही एक छोटा सा कमरा भी बनाया गया था। अब अचानक इस तरह के दावों के सीमा पर हलचल मची हुई है। क्या है मामला, और दावा कर्ताओ का क्या है पक्ष? पूर्व विधायक के पौत्र(पोता) अभिषेक उर्फ बबलू ने मीडिया से बात चीत में कहा- स्व० सीताराम महतो 1962 तथा 1972 में सोनबरसा विधानसभा(अब परिहार)के विधायक बने थे, उनके पुत्र स्व० किशोर महतो से काफी पहले कस्टम के अधिकारियों ने अनुरोध किया था कि, सीमा पर बांस का बैरियर लगा देते हैं। बाद में सरकारी स्तर पर इसका मुआवजा दिलवा देंगे।

समय बीतता चला गया, अधिकारी बदलते गए पर मुआवजा नही मिला, उनके पौत्र व स्व० किशोर महतो के पुत्र अभिषेक कुमार उर्फ बबलू, इनके भाई आशीष रंजन, पूर्व विधायक पुत्र विरेंद्र कुमार व अन्य ने 15 फरवरी 2017 को तत्कालीन कस्टम सुपरिटेंडेंट को जमीन के मुआवजे के लिए सादा कागज पर आवेदन दिया। पुनः 19 जून 2017 को स्टाम्प पेपर पर कस्टम को आवेदन दिया गया लेकिन मामला नही सुलझा। बताया कि- कस्टम को कार्यालय बनाने के लिए जमीन का एक बड़ा भूभाग चाहिए, जमीन देने में ऐतराज नही है, लेकिन कस्टम ना तो जमीन अधिग्रहण कर मुआवजा दे रही है और ना ही सड़क वाली जमीन खाली कर रही है. वहां कैसे कुछ भी बनाने दे, अब मौखिक नही, बल्कि कागजी प्रक्रिया को मानेंगे।

बबलू ने कहा- हमे परेशान नही करे कस्टम या प्रशासन, अबिलम्ब उचित जांच करे और मुआवजा दिलाये, काफी वर्षो से कस्टम मामला को अटकाए हुआ है। कस्टम सुपरिटेंडेंट अखिलेश कुमार ने कहा कि- सड़क की जमीन पर दावा कर्ताओं ने पहले भी सड़क निर्माण कम्पनी को एप्रोच पथ बनाने से रोक दिया था। सीमा सड़क पर विवाद का हल सीओ ही निकालेंगे, अब बैरियर निर्माण पर रोक है, ऐसे में सीओ की जांच कितनी तेजी से हो पाती है इसी पर आगे का निर्णय हो पायेगा। हम भी चाहते है कि कोई परेशान ना हो। सीओ ने जांच का भरोसा दिलाया है। सोनबरसा अंचल अधिकारी कमला चौधरी ने कहा-कस्टम से आवेदन के बाद सीमा पर गया था, जमीन का नक्शा के जरिये अमीन नापी करेंगे। यह दावा मुआवजा को लेकर है, ऐसे नो मैन्स लैंड पर किसी का अधिकार नही होता है। जांच के बाद हकीकत सामने आ पायेगा।

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