फुलवरिया डैम से हार्डकोर नक्सली को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

रजौली: थानाक्षेत्र के फुलवरिया डैम के पास से सोमवार को ही एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हार्डकोर नक्सली मधीर रविदास उर्फ स्वदेशी उर्फ इकबाल मोची उर्फ सुधीर को गिरफ्तार किया गया था जिससे कड़ी पूछताछ के बाद देर शाम ही न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार नक्सली के विरुद्ध 24 जनवरी 2019 को ही रजौली थाने में कोबरा 205 के जवानों पर अंधाधुंध फायरिंग करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी तब से लोगों की तलाश में स्थानीय पुलिस और एसटीएफ के जवान लगातार छापेमारी कर रहे थे। और इसी में इनकी गिरफ्तारी में सफलता हाथ लगी है।




बताते चले कि 22 जनवरी 2019 की सुबह तत्कालीन एएसपी अभियान कुमार आलोक को सूचना मिली थी कि हार्डकोर नक्सली प्रदुमन शर्मा के दस्ता फुलवरिया डैम के उस पार देखा गया है इसी सूचना के आलोक में कोबरा 205 के जवान और स्थानीय पुलिस के अधिकारी के साथ 22 जनवरी को ही एक ऑपरेशन लांच किया गया और जंगल में कोबरा के जवानों के द्वारा घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दी गई सर्च ऑपरेशन अंतिम चरण में था। और 2 दिन बीत चुका था कोबरा के जवान सर्च करते हुए रतनपुर जंगल तक पहुंच चुके थे दिन के करीब 2 बज रहे थे।

अचानक जवानों की नजर नक्सलियों की टोली पर पड़ी और गोलियों चलनी शुरू हो गई इतने में ही प्रदुमन शर्मा के दस्ते में शामिल हथियार से लैश नक्सली चंदन को जवानों ने ढेर कर दिया। उसके पास से सर्च के दौरान एक इंसास राइफल,135 पीस जिंदा कारतूस और कई नक्सली सामग्री को बरामद किया गया था। इसी मामले में एएसआई के लिखित आवेदन पर रजौली थाने में नक्सली कमांडर प्रदुमन शर्मा, श्रवण मांझी, कुंदन चौरसिया, जितेंद्र यादव, गुड्डू शर्मा, विकास उर्फ डॉक्टर, मधीर रविदास, और पिंटू यादव को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। इस केस में पहला गिरफ्तारी है मधुर के रूप में जबकि इस केस के दूसरा नामजद अभियुक्त श्रवण मांझी को झारखंड राज्य के कोडरमा जिले के सतगामा थाना क्षेत्र के पेट्रो के जंगल में सीआरपीएफ के जवानों के साथ मुठभेड़ में मारा गया। अन्य सभी आरोपी अभी फरार है।