सीतामढ़ी और शिवहर में खेतों गन्ने की बची मात्रा का मुआबजा गन्ना उत्पाद शक किसानों को दे सरकार

सीतामढी़/रविशंकर सिंहः सीतामढी़ सह शिवहर के किसान नेता नागेंद्र प्रसाद सिंह ने मुख्य सचिव, सचिव, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार सरकार को ईमेल भेज कर बिहार सरकार के आदेश को दरकिनार करते हुए मझौलिया, सिधवलिया, एवं गोपालगंज चीनी मिल को बंद कर दिए जाने से रीगा चीनी मिल क्षेत्र में खेतों में लगे करीब 5 लाख क्विंटल गन्ना की हुई बर्बादी का मुआवजा दिए जाने की मांग रखी है।कहा है कि रीगा चीनी मिल के गन्ना किसानों की दुर्दशा और गन्ने की हुई बर्बादी के संबंध हम लोग लगातार आपको जानकारी देते आ रहे हैं।

अफसोस है कि इस संबंध में अब तक कोई सार्थक और असरदार कार्रवाई नहीं की गई। नतीजा यह हुआ कि सरकारी आदेश को दरकिनार करते हुए मझौलिया, सिधवलिया और गोपालगंज चीनी मिलों नें अपनी मिलें बंद कर दी हैं। और रीगा चीनी मिल क्षेत्र में पांच लाख कुंतल से अधिक गन्ना खेतों में बर्बाद होता जा रहा है। जिसकी कीमत करीब 15 से 20करोड़ के बीच होगी।आप 9 फरवरी और पूर्व में भेजे गए पत्रों का अवलोकन करें तो सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।आपसे अनुरोध है कि

-बिना देर किए खेतों में लगे गन्ने का आकलन/ मूल्यांकन कराया जाए
-रीगा, गोपालगंज, सिधवलिया, मझौलिया चीनी मिलों की जवाबदेही तय कर बर्बाद हुए गन्ने का हर्जाना चुकता करने का आदेश दिया जाए या फिर सरकार खुद इसकी भरपाई करे।
-कानून एवं सरकारी आदेशों की खुलेआम अवहेलना करने के आरोप में संबंधित सभी चीनी मिलों के दखलकारों के विरूद्ध अपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।इसकी प्रतिलिपि आयुक्त गन्ना उद्योग विभाग, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर, जिला पदाधिकारी, शिवहर, सीतामढ़ी को भी भेजी गयी है।