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अतिकुपोषित बच्चों की ससमय पहचान और देखभाल से मिलेगा पोषण स्तर को बढ़ावा : डीपीओ

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अविनाश पांडेय/बिहारशरीफ। एक से 30 सितम्बर तक चलने वाले राष्ट्रीय पोषण माह के तहत पूरे जिले में कई पोषण संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी संदर्भ में जिले के अस्थावां प्रखण्ड में पोषण परामर्श केंद्र की स्थापना की गयी।

प्रखण्ड स्तरीय इस पोषण परामर्श केंद्र का उदघाटन बाल विकास परियोजना कार्यालय प्रांगण में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, नालंदा रीना कुमारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी अरविन्द कुमार द्वारा किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के जिला समन्वयक राजीव कुमार, अस्थावां प्रखण्ड की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी पूजा किरण, महिला पर्यवेक्षिका सरिता ज्योति, लेखपाल चंदन, मालती कुमारी एवं प्रखण्ड की कई सेविकाएं उपस्थित थीं।

अतिकुपोषित बच्चों की पहचान और उचित देखभाल से सुपोषण संभव : कार्यक्रम के दौरान जिला प्रोग्राम पदाधिकारी रीना कुमारी ने उपस्थित सेविकाओ और लाभार्थियों को संबोधित करते हुए कहा बच्चों मंन पोषण स्तर को बढ़ाने के लिए अतिकुपोषित बच्चों की पहचान करना आवश्यक है। इससे उन्हें ससमय पोषण पुनर्वास केंद्र भेज कर और उनके अभिभावकों को पोषण के बारे में जागरूक कर कुपोषण के गंभीर प्रभाव से बचाया जा सकता है।

एनीमिया मुक्ति और स्वच्छता पर भी दिया जाएगा बल : डीपीओ ने कहा जब सामुदायिक पोषण स्तर बढ़ेगा । तभी जिले की महिलाओं गरभवतियों और बच्चों को एनीमिया संकट से मुक्ति मिल पाना संभव हो सकेगा ।जिसके लिए अच्छे पोषण के साथ स्वच्छता भी आवश्यक है। जब गांव के हर घर में शौचालय हो और खुले में कोई भी शौच करने के लिए नहीं जाए| घर में पकाई जाने वाली चीजों को अच्छी तरह धोया जाए| बच्चों को खाना खिलाने से पहले व शौच के बाद साबुन से हाथ धोना सिखलाया जाए।

पूरे माह घर-घर होगी सुपोषण की बात : बाल विकास परियोजना पदाधिकारी पूजा किरण ने बताया इस वर्ष पोषण माह की थीम ” कुपोषण छोड़ पोषण की ओर, थामे क्षेत्रीय भोजन की डोर” है। इसलिए पारंपरिक भोजन में छुपे पोषक तत्वों की जानकारी पर बल देकर आम जनों में पोषण के प्रति नजरियामें बदलाव लाने के मद्देनजर पूरे पोषण माह के दौरान पोषण संबन्धित गतिविधियों और परामर्श कार्यों को प्रमुखता दी गई है। साथ ही पोषण परामर्श केंद्र की मदद से माता-पिता अपने शिशुओं के बेहतर पोषाहार व बच्चों में कुपोषण की स्थिति की जानकारी भी दी जाएगी।

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कोविड प्रोटोकॉल के साथ हुआ रंगोली और अन्य गतिविधियों का आयोजन : कार्यक्रम के दौरान कोविड सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए आकर्षण रंगोली के माध्यम से इस माह के चारों थीमों अति कुपोषित बच्चों की पहचान, योगाभ्यास ,पौष्टिक आहार एवं एनीमिया से मुक्ति को दर्शाया गया है। साथ ही जिले में पूरे पोषण माह सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रभात फेरी, रैली, पोस्टर, बैनर, दीवार लेखन के माध्यम से आमजनों को पोषण संबंधित जागरूक किया जा रहा है।

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