शराबबंदी उपरांत अब ताड़ी बना रोजगार का नया साधन

बेतिया/अवधेश कुमार शर्मा: पश्चिम चंपारण की ‘जीविका’ ने चनपटिया प्रखण्ड के कुड़वा मठिया एवं पूर्वी तुरहापट्टी पंचायत के सेमरा परसा में मधु जीविका नीरा उत्पादक समूह एवं निराला जीविका नीरा उत्पादक समूह ने नीरा संग्रहण एवं विक्रय केंद्र का शुभारंभ रविवार को किया। जिसका उद्घाटन जिला परियोजना प्रबंधक जीविका अविनाश कुमार ने फीता काटकर किया। नीरा संग्रहण व विक्रय केंद्र का उदघाटन करते हुए कुमार ने नीरा एवं इससे जुड़े उत्पादों पर चर्चा करते हुए के बताया कि नीरा न केवल एक प्राकृतिक पेय है, अपितु यह स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी भी है।


इसमें प्रचूर मात्रा में विटामिन एवं खनिज पाया जाता है जो शरीर के लिए काफी लाभदायक है। नीरा डायबिटीज एवं एनीमिया के मरीज के लिए काफी लाभकारी है। इसमें रोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं। ताड़- खजूर के पेड़ से जुड़े कई उत्पाद यथा झाड़ू, पंखा, मौनी, डलिया, खंचिया बनाकर इससे बेहतर आमदनी की जा सकती है। नीरा से गुड़ एवं पेड़ा तैयार कर इसका विक्रय किया जा सकता है। बिहार सरकार शराबबंदी के बाद इससे जुड़े लोगों को नीरा तथा सतत जीविकोपार्जन योजना से आच्छादित कर इन परिवारों को स्थाई रोजगार से भी जोड़ने का काम कर रही है। प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि इसके लिए उत्पादक समूह बनाकर दीदियों को जोड़ा गया एवं इन्हें प्रशिक्षित कर उन्हें बेहतर रोजगार के लिए तैयार किया जा रहा है।

इस वर्ष अबतक जिला में तीन नीरा संग्रह एवं विक्रय केंद्र खोला गया है। नौतन तथा मझौलिया में भी इसके एक-एक केंद्र खोले जाएंगे हैं जहां 15 से 20 रुपये प्रति 200 एमएल की दर से नीरा उपलब्ध रहेगा। उन्होंने बताया कि नीरा के निष्कर्षण में विशेष सतर्कता आवश्यकता है। इसे सूर्योदय से पहले निकाला जाना आवश्यक है तथा इसमें कोल्डचेन बनाए रखना आवश्यक है।

इसके लिए दीदियों को प्रशिक्षित कर उन्हें आवश्यक उपकरण रिफ्रैक्टोमीटर, पीएच मीटर शीतलक गैलन उपलब्ध कराते हुए, उन्हें उत्पाद विभाग से अनुज्ञप्ति भी दिलाई गई है। इस अवसर पर उत्पादक समूह की दीदियां, खरीदारी प्रबंधक अमज़द हुसैन अंसारी, स्वास्थ्य एवं पोषण प्रबंधक सतीश कुमार, बीपीएम बृजेश कुमार साह, क्षेत्रीय समन्वयक पुष्प रंजन, सामुदायिक समन्वयक जानकी देवी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।