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कीजिए तैयारी, पुस्तकालय तथा सूचना विज्ञान में है करियर की असीम संभावनाएं

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करियर : पुस्तकालय की अवधारणा सदियों पुरानी है, औपचारिक पुस्तकालय विज्ञान शिक्षा की शुरुआत 1887 से हुई और वर्तमान में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान एक स्वतंत्र विषय के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुका है। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान की शिक्षा के माध्यम से पुस्तकालयों के व्यस्थापन तथा संचालन हेतु योग्य और कुशल कर्मचारियों को तैयार किया जाता है। पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान (Library and Information Science) के अंतर्गत पुस्तकालयों में संपन्न किये जाने वाले कार्यप्रणालियों से सम्बंधित विशिष्ट प्रविधियों, तकनीकों एवं प्रक्रियायों का अध्ययन एवं अध्यापन किया जाता है।

डा. अमित किशोर

पुस्तकालय विज्ञान तकनीकी विषयों (प्रोफेशनल कोर्स) की श्रेणी में आता है तथा लाइब्रेरियनशिप एक सेवा सम्बन्धी व्यवसाय है। इसके साथ ही पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान, प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, शोध प्रविधि, शिक्षाशास्त्र एवं अन्य विधाओं के सिद्धान्तो एवं उपकरणों का पुस्तकालय के सन्दर्भ में उपयोग के लिए भी प्रशिक्षित करता है। सरल शब्दों में पुस्तकालयों का इतिहास, संगठन, प्रबंधन, विभिन्न तकनीको, सेवाओं, समाज के प्रति उनके कर्तव्यों तथा सामान्य पुस्तकालय कार्यकलापों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक अध्ययन किया जाता है एवं एक प्रोफेशनल कोर्स के रूप में पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान रोजगार के विविध अवसर प्रदान करती है।

प्रशिक्षित पुस्तकालय विज्ञान डिग्री अथवा डिप्लोमा धारकों के लिए, पुस्तकालयाध्यक्ष (लाइब्रेरियन), प्रलेखन अधिकारी, पुस्तकालय एवं सूचना अधिकारी, ज्ञान प्रबंधक जैसे पदों पर स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, रेल, बैंक, न्यायालय, सार्वजनिक पुस्तकालयों, आदि जगहों पर नियुक्ति के बेहतरीन अवसर उपलब्ध है । इस क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को इस प्रकार देखा जा सकता है –

  • शैक्षणिक संस्थानों में जैसे – स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट में।
  • सार्वजनिक पुस्तकालयों में जैसे- राष्ट्रीय पुस्तकालयों, राज्य केन्द्रीय, जिला, आदि सरकारी पुस्तकालयों में।
  • राष्ट्रीय संग्रहालय तथा अभिलेखागारों में।
  • संसद और विधानसभा, मंत्रालयों तथा अन्य सरकारी विभागों के पुस्तकालयों में।
  • सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अन्य न्यायालय लाइब्रेरी में।
  • डी. आर. डी. ओ., आई.सी.ए.आर., सी.एस.आई.आर., आई.सी.एस.एस.आर., आदि रिसर्च संस्थानों में।
  • दूतावासों, यूनेस्को, संयुक्त राष्ट्र संघ, जैसे अंतर्राष्ट्रीय केन्द्रों में।
  • बैंक के प्रशिक्षण केन्द्रों में।
  • रेलवे के पुस्तकालयों में।
  • समाचार पत्रों, न्यूज चैनल्स में, टी. वी. एवं रेडियो स्टेशन के पुस्तकालयों में।
  • इसके अलावा प्राइवेट संस्थानों और पुस्तकालयों में में भी रोजगार के काफी अवसर उपलब्ध है ।

पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में पाठ्यक्रम (कोर्स):

-पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में प्रमाणपत्र या डिप्लोमा पाठ्यक्रम (CLIS या DLIS) / पात्रता (10+2) : इस पाठ्यक्रम के उपरांत लाइब्रेरी अस्सीस्टेंट, लाइब्रेरी अटटेंडेंट जैसे पदों पर नियुक्ति का मौका मिल सकता है ।

पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में स्नातक (B. Lib. & Inf. Sc.) / पात्रता (किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय में किसी भी विषय में स्नातक) : यह लाइब्रेरी साइंस का सबसे लोकप्रिय कोर्स है जिसमें रोजगार के सर्वाधिक अवसर मौजूद है, जैसे स्कूल लाइब्रेरियन, कॉलेज अस्सीस्टेंट लाइब्रेरियन/लाइब्रेरी अस्सीस्टेंट, क्लासिफायर, कैटलोगर, आदि पदों के लिए बीएलआईएस जैसे कोर्स किए छात्र पात्र है ।

-पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में मास्टर (M. Lib. & Inf. Sc.) / पात्रता (किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से बी.एल.आई.एस.सी) : किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से बी.एल.आई.एस.सी कोर्स वाले इस कोर्स में एड्मिशन ले सकते है जिसके उपरांत छात्र विश्वविद्यालय पुस्तकालयों में लाइब्रेरी प्रोफेशनल अस्सीस्टेंट जैसे पदों के लिए पात्र हो जाते है, परंतु इस कोर्स का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसके बाद ही छात्र यूजीसी नेट और पी-एच डी के लिए पात्र हो पाते है।

-पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में एम.फिल./ पात्रता (किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से एमएलआईएससी) : न्यू एडुकेशन पॉलिसी के लागू होने पर आगामी वर्ष से एम. फिल कोर्स को बंद कर दिया दिया जाएगा ।

-पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में पी-एच. डी. एवं यूजीसी-नेट /पात्रता (किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से एम.एल.आई.एस.सी.) : अगर आप पुस्तकालय विज्ञान के क्षेत्र में ऑफिसर क्लास के पदों पर जैसे यूनिवर्सिटी लाइब्रेरियन, कॉलेज लाइब्रेरियन साथ ही पुस्तकालय विज्ञान में अस्सीस्टेंट प्रोफेसर और प्रोफेसर आदि पदों पर आसीन होना चाहते है तो पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में पी-एच. डी. जैसे कोर्स या यूजीसी-नेट में उत्तीर्ण होने के उपरांत ही आप इन पदों के लिए योग्य हो पाएंगे (नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के उपरांत सभी विश्वविद्यालयों के शैक्षणिक पदों पर पी-एच. डी. अनिवार्य हो जाएगा) ।

पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में पाठ्यक्रम (एलआईएस) प्रस्तुत करने वाले विश्वविद्यालय:

बहरहाल, पुस्तकालय विज्ञान अब पुस्तकालय विज्ञान एवं सूचना विज्ञान में परिवर्तित हो रहा है। हालांकि कुछ विश्वविद्यालयों ने पाठ्यक्रम के नाम में यह शब्द जोड़ा है और कई जगह पुराना नाम ही है जैसे- कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में स्नातक (बी.एल.आई.एस.सी.) और पुस्तकालय तथा सूचना विज्ञान में मास्टर (एम.एल.आई.एस.सी) के नाम से तो वहीं कुछ विश्वविद्यालयों द्वारा पुस्तकालय विज्ञान में स्नातक (बी.लिब.) और पुस्तकालय विज्ञान में मास्टर (एम.लिब.) के नाम से कोर्स प्रदान किए जा रहे है।

वर्तमान समय में देश के प्रायः सभी विश्वविद्यालयों द्वारा रेग्युलर और डिस्टेन्स माध्यम से पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के कोर्स का संचालन किया जा रहा है, इसके अलावा भी जैसे निस्केयर, प्रलेखन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (डीआरटीसी) द्वारा सूचना विज्ञान में एसोशिएटशिप (एआईएस), भारतीय सांख्यिकी संस्थान (बंगलौर) में प्रलेखन तथा सूचना विज्ञान में एसोशिएटशिप जैसे पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। बिहार में भी प्रायः सभी विश्वविद्यालयों में जैसे पटना विश्वविद्यालय, नालंदा विश्वविद्यालय पटना, तिलकमंझी विश्वविद्यालय भागलपुर, बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा, मगध विश्वविद्यालय गया आदि विश्वविद्यालयों में बी लिब और एम लिब कोर्स उपलब्ध है परंतु बिहार में पीएच डी कोर्स सिर्फ केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतीहारी में ही उपलब्ध है ।

  • डॉ अमित किशोर
    (लेखक पुस्तकालय प्रोफेशनल और लेखक हैं)

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